✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
उत्तरकाशी ग्रामीण क्षेत्रों और वन सीमाओं से लगे इलाकों में भालुओं के हमलों की लगातार बढ़ रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने जिला पंचायतीराज अधिकारी एवं वन विभाग को त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि वन्य क्षेत्रों से सटी आबादी में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने डीपीआरओ को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायतों में स्थानीय बैठकों के माध्यम से आमजन को भालू के हमले से बचाव के तरीकों और सतर्कता उपायों के प्रति जागरूक किया जाए।
उन्होंने ग्राम स्तर पर स्वयंसेवक समूह (वॉलंटियर टीम) बनाने के निर्देश दिए, जो किसी भी वन्यजीव संघर्ष की घटना की तुरंत सूचना वन विभाग और प्रशासन तक पहुंचाएंगे। जिलाधिकारी ने जनभागीदारी को आधार बनाकर जागरूकता, आपदा प्रबंधन और पर्यावरणीय सतर्कता को मजबूत करने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि वन विभाग घटनाओं के रिकॉर्ड और वन्यजीवों की हालिया आवाजाही के आधार पर भालुओं के हमलों के सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करे। इन संवेदनशील जोनों में त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें गठित की जाएँ, ताकि किसी भी घटना पर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जा सकें।




