✍️ मनमोहन भट्ट, पुरोला (उत्तरकाशी)।
भोले जी महाराज एवं माता श्री मंगला जी के पावन आशीर्वाद से संचालित हंस फाउंडेशन द्वारा जनपद उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती जखोल गांव में दिसंबर 2025 में निःशुल्क हंस क्लीनिक का शुभारंभ किया गया। इस क्लीनिक की स्थापना का मुख्य उद्देश्य दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले गरीब, असहाय एवं जरूरतमंद लोगों को सुलभ,और गुणवत्तापूर्ण निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
हंस क्लीनिक के माध्यम से जखोल गांव में नियमित रूप से ओपीडी सेवाएं संचालित की जा रही हैं, वहीं उत्तरकाशी जनपद के अनेक दूरस्थ गांवों में निःशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविरों का सफल आयोजन किया गया। अब तक हंस अस्पताल की विशेषज्ञ टीम द्वारा 1700 से अधिक मरीजों की नेत्र जांच (ओपीडी) की जा चुकी है तथा 200 से अधिक लोगों की सफल नेत्र सर्जरी कर उन्हें फिर से देखने की सौगात दी गई है। इन प्रयासों से न केवल मरीजों बल्कि उनके परिवारों के जीवन में भी नई उम्मीद और खुशहाली आई है।
इन उल्लेखनीय सेवाओं और जनसहयोग के लिए हंस फाउंडेशन द्वारा “हंस मित्र आभार कार्यक्रम” का आयोजन 1 मार्च 2026 (रविवार) को आईएसबीटी कॉम्प्लेक्स, कुमोला रोड, पुरोला (उत्तरकाशी) में भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग देने वाले ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों के प्रति आभार व्यक्त करना तथा भविष्य में इस सेवा को और अधिक विस्तार देने की रूपरेखा साझा करना था।
कार्यक्रम में हंस फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने हंस क्लीनिक के माध्यम से दी जा रही निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं, नेत्र सर्जरी, दवा वितरण, जांच सुविधाओं तथा स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही भविष्य में जनपद के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के स्थायी क्लीनिक एवं नियमित चिकित्सा शिविर आयोजित करने की योजना से अवगत कराया।
इस अवसर पर पुरोला विधानसभा क्षेत्र के समस्त ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। वक्ताओं ने हंस फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पर्वतीय अंचलों में जहां स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित हैं, वहां इस प्रकार की निःशुल्क सेवाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं। उन्होंने हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले जी महाराज एवं माता श्री मंगला जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सामाजिक सरोकारों को प्रेरणादायक बताया।
कार्यक्रम के दौरान कई लाभार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आर्थिक तंगी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण वे समय पर इलाज नहीं करा पा रहे थे, लेकिन हंस क्लीनिक और नेत्र शिविरों के माध्यम से उन्हें न केवल मुफ्त उपचार मिला बल्कि जीवन की नई दृष्टि भी प्राप्त हुई।
हंस फाउंडेशन ने जहां स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर लाने का काम किया है वहीं हंस फाउंडेशन ने सामाजिक कार्यो में भी अग्रणी भूमिका निभाई है। पूर्व में हंस फाउंडेशन ने स्कूली बच्चों को जागृत करने के उद्देश्य से प्रथम “हंस बाल मेला” का आयोजन किया। जिसमें 19 विद्यालयों के छात्र-छात्राओं , अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षकों ने भी प्रतिभाग किया। हंस फाउंडेशन के द्वारा सभी प्रतिभागीय छात्र-छात्राओं को उनके उत्साहवर्धन हेतु पुरुस्कृत भी किया गया।
अंत में हंस क्लीनिक जखोल प्रभारी बीरेंद्र कोहली डा राजेश दौरियाल,रामकिशन रावत, हंस प्रचारक विजय पाल सिंह रावत द्वारा सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त कर उन्हें सम्मान स्मृति भेंट किया गया तथा समाज के प्रत्येक वर्ग से इस जनसेवा अभियान में सहभागी बनने की अपील की गई। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता एवं सेवा भावना को नई दिशा मिली।




