✍️ मनमोहन भट्ट,ऋषिकेश।
यातायात पर्यटन विकास सहकारी समिति ऋषिकेश इन दिनों परिवहन व्यवसायियों के निशाने पर है। वाहन स्वामियों का आरोप है कि समिति केन्द्र सरकार के निर्णयों को दरकिनार कर बस मालिकों के रोजगार पर संकट खड़ा कर रही है।
दरअसल, केन्द्र सरकार ने हाल ही में कमर्शियल वाहनों की फिटनेस अवधि 15 वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष करने का निर्णय लिया था, ताकि वाहन स्वामियों को राहत मिल सके। इसी विषय पर परिवहन आयुक्त, देहरादून के निर्देश पर 7 फरवरी 2025 को मॉडल निर्धारण से संबंधित समितियों की बैठक बुलाई गई थी।
इस बैठक में प्रदेश की 81 परिवहन समितियों ने भाग लिया, जिनमें यातायात पर्यटन विकास सहकारी समिति ऋषिकेश ने भी सरकार के फैसले पर पत्र लिखकर अपनी सहमति व्यक्त की थी।
लेकिन अब वही समिति अपने लिखे हुए सहमति पत्र से पीछे हट गई है। समिति ने 15 वर्ष से अधिक पुरानी बसों के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे बस स्वामियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
वाहन स्वामियों का कहना है कि समिति की यह नीति पूरी तरह से केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना है। इससे हजारों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ रहा है।
परिवहन व्यवसायियों का आरोप है कि समिति के कुछ प्रतिनिधि अपने तानाशाही रवैये से विरोध की आवाज़ों को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यदि समिति केंद्र सरकार के निर्णय का पालन नहीं करती है, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।




