✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (एनयूजे उत्तराखंड) की प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी के नेतृत्व में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तरकाशी के जिला सूचना अधिकारी कर्मवीर सिंह से शिष्टाचार भेंट कर पत्रकारों से जुड़े विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मुलाकात के दौरान वर्तमान दौर की पत्रकारिता, प्रिंट, वेब और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की चुनौतियों तथा पत्रकारों के कल्याण से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट रूप से कहा कि बदलते समय में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से परिवर्तित हो रहा है। डिजिटल माध्यमों के विस्तार, त्वरित सूचना प्रसारण की प्रतिस्पर्धा और संसाधनों की कमी के बीच पत्रकारों पर कार्य का दबाव बढ़ा है। ऐसे में जिला स्तर पर पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी बनती है।
बैठक में पत्रकारों की कार्यक्षमता और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे गए। विशेष रूप से आपातकालीन परिस्थितियों में पत्रकारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने हेतु जिला स्तर पर अलग बजट और सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि दुर्घटना, स्वास्थ्य आपात स्थिति या किसी अप्रत्याशित घटना के समय पत्रकारों को तत्काल सहायता मिलनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त जिले के बाहर से आने वाले अथवा दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों के लिए ‘पत्रकार गेस्ट हाउस’ की व्यवस्था करने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रतिनिधियों का कहना था कि उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जनपद में फील्ड रिपोर्टिंग के दौरान आवास की सुविधा एक बड़ी चुनौती होती है। यदि प्रशासन की ओर से गेस्ट हाउस की व्यवस्था हो जाए तो पत्रकारों को राहत मिलेगी और कार्य में सुगमता आएगी।
प्रेस वार्ताओं के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया की कार्यशैली अलग-अलग होने के कारण कवरेज में अक्सर असुविधा उत्पन्न होती है। ऐसे में दोनों माध्यमों के लिए पृथक-पृथक व्यवस्थित स्थान आवंटित करने का सुझाव दिया गया, ताकि कवरेज व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से हो सके।
प्रदेश अध्यक्ष दया जोशी ने कहा कि पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में भी जनसरोकारों की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और सुरक्षित पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से अपेक्षा जताई कि पत्रकारों के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल की जाए।
जिला सूचना अधिकारी कर्मवीर सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पत्रकार प्रशासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनके सुझावों पर यथासंभव कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर संगठन के संरक्षक त्रिलोक चन्द्र भट्ट, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रमोद कुमार पाल, ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह, कुँवर सिंह कलूड़ा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
पत्रकारों के कल्याण और कार्य परिस्थितियों को बेहतर बनाने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे भविष्य में जिला स्तर पर पत्रकारिता को अधिक सशक्त और सुव्यवस्थित स्वरूप मिल सकता है।




