✍️ मनमोहन भट्ट, ब्रह्मखाल/उत्तरकाशी।
जनपद उत्तरकाशी के डुंडा प्रखंड की ग्राम पंचायत नवागांव ने नशे के खिलाफ एक साहसिक, ऐतिहासिक और अनुकरणीय कदम उठाकर पूरे क्षेत्र को आईना दिखा दिया है। नवागांव निवासी शंकर प्रसाद खंडूड़ी ने अपने भाई की शादी में शराब को पूरी तरह से दरकिनार कर यह सिद्ध कर दिया कि खुशियाँ नशे की मोहताज नहीं, बल्कि संस्कारों की देन होती हैं। यह विवाह ग्राम पंचायत नवागांव में शराब बंदी के रिकार्ड में दर्ज होने वाला पहला पूर्णतः नशामुक्त विवाह बन गया है। वर्षों से सामाजिक आयोजनों में चली आ रही शराब की कुप्रथा पर यह पहल सीधा, करारा और निर्णायक प्रहार मानी जा रही है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सौरभ रमोला ने खंडूड़ी परिवार का खुले मंच से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम गांव में शराब बंदी आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने वाला साबित होगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब परिवार आगे आते हैं, तभी समाज बदलता है और जब समाज जागता है, तभी व्यवस्था बदलती है।
इस ऐतिहासिक पहल का असर तुरंत गांव में देखने को मिला। सभी ग्रामवासियों ने शादी-विवाह एवं अन्य सामाजिक समारोहों में शराब न परोसने का सार्वजनिक संकल्प लेते हुए ग्राम पंचायत के शराब बंदी फैसले के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का ऐलान किया।
ग्राम सभा नवागांव ने एक स्वर में गांव को पूर्ण रूप से नशामुक्त क्षेत्र घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया। यह पहल केवल एक विवाह समारोह तक सीमित नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने और एक स्वस्थ, संस्कारित समाज की नींव रखने की ऐतिहासिक शुरुआत है।




