मसूरी
लंबे समय से जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र के निवासी क्षेत्र में प्रवेश शुल्क लिए जाने को लेकर आंदोलनरत इसके बाद उनके द्वारा न्यायालय का सहारा लिया गया आज उच्च न्यायालय द्वारा जॉर्ज एवरेज क्षेत्र में लिए जा रहे प्रवेश शुल्क को निरस्त कर दिया गया है और आदेश जारी किया गया है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं दिया जाएगा जिससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है और वही पर्यटकों ने भी राहत की सांस ली है बताते चलें कि जॉर्ज एवरेस्ट प्रकरण आज राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर रहा है यहां पर 27 हजार करोड़ करोड रुपए की भूमि को मात्र एक करोड रुपए सालाना की लीज पर दिया गया है वही आने जाने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों से भी प्रवेश शुल्क लिया जा रहा था इसके बाद न्यायालय में वाद दायर किया गया जिसका फैसला आज स्थानीय लोगों और पर्यटकों के पक्ष में आया है जिससे लोगों ने वहां पर अपनी खुशी जाहिर की।

स्थानीय जगपाल गुसाई ने इसे न्यायपालिका की जीत बताते हुए आम लोगों से लिए जा रहे टोल टैक्स को अवैध करार देते हुए कहा कि न्यायालय के आदेश आने के बाद भी एक निजी कंपनी द्वारा टैक्स दिया जा रहा था जिसका विरोध किया गया और न्यायालय की कॉपी उन्हें दी गई। स्थानीय निवासी प्रकाश राणा ने कहा कि न्यायालय में सभी साक्ष्यप पेश किए गए इसके बाद न्यायालय ने उनके पक्ष में पैसा फैसला दिया है उन्होंने कहा कि कंपनी द्वारा प्रत्येक व्यक्ति से ₹200 और एक वाहन से हजार रुपए वसूले जाते थे। स्थानीय निवासी जोसेफ ने बताया कि एक निजी कंपनी द्वारा मुख्य मार्ग पर बैरियर लगा दिया गया था और वहां पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अवैध वसूली की जा रही थी जिसकी शिकायत उन्होंने उप जिला अधिकारी नगर पालिका और अन्य विभागों में भी की लेकिन अंत में उन्हें न्यायालय का सहारा लेना पड़ा और न्यायालय द्वारा उनके पक्ष पर फैसला दिया गया है।




