उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। मंगलवार को ऋषिकेश के निकट मुनिकीरेती में बड़ी संख्या में स्थानीय निवासियों और महिलाओं ने सड़कों पर उतरकर कैंडल मार्च निकाला और मामले की जांच सीबीआई से कराने की पुरजोर वकालत की। नगर पालिका अध्यक्ष नीलम बिजलवान के नेतृत्व में यह प्रदर्शन ढालवाला स्थित सुमन पार्क से शुरू हुआ। कैंडल मार्च 14 बीघा स्थित रामलीला मैदान में जाकर संपन्न हुआ।

हाथों में मोमबत्तियां और अंकिता के न्याय के पोस्टर लिए महिलाओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने धामी सरकार की मंशा पर सीधे सवाल दागे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि सरकार वास्तव में अंकिता को न्याय दिलाना चाहती है, तो वह मामले की जांच सीबीआई को सौंपने से क्यों कतरा रही है। जांच को लेकर सरकार के पीछे हटने से आम जनता के मन में कई संदेह पैदा हो रहे हैं।जब तक मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, आक्रोश शांत नहीं होगा।
इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता उत्तराखंड की बेटी है और जब तक उसे पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, पूरे प्रदेश में इसी तरह धरना-प्रदर्शन और कैंडल मार्च का सिलसिला जारी रहेगा। सरकार को जनता के सवालों का जवाब देना ही होगा। ऋषिकेश में हुए इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अंकिता भंडारी मामले में जनता का गुस्सा कम नहीं हुआ है। लोगों का मानना है कि स्थानीय जांच के बजाय सीबीआई जांच ही वह एकमात्र जरिया है जिससे वीआईपी चेहरों और पर्दे के पीछे के सच का खुलासा हो सकता है।




