पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अगस्त 2025 तक 6282 लोगों ने किया रिवर्स पलायन।
उत्तराखंड- 29 नवंबर 2025
उत्तराखंड पलायन आयोग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट प्रदेश के लिए शुभ संकेत मानी जा रही है। रिपोर्ट में वापस लौटे प्रवासीय आंकड़े राहत देने वाले हैं। आयोग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में 6 हजार से अधिक लोगों ने रिवर्स प्लान किया है।
पलायन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अगस्त 2025 तक 6282 ऐसे लोगों ने रिवर्स पलायन किया है। जो कि लंबे समय से अपने गांव से दूर रह रहे थे और इन्होंने पिछले कुछ सालों में पलायन किया था। रिवर्स प्लान करने वाले जिलों में सबसे ज्यादा 1213 लोगों ने पौड़ी जिले में रिवर्स पलायन किया है। वहीं इसके बाद अल्मोड़ा में 976 टिहरी में 827 और चमोली जिले में 760 लोगों ने रिवर्स पलायन किया है। रिवर्स पलायन करने वाले लोगों ने एग्रीकल्चर पशुपालन छोटे उद्योग हस्तशिल्प पर्यटन होमस्टे जैसे कारोबार में वापस लौट कर हाथ आजमाया है।
पलायन आयोग के अध्यक्ष एसएस नेगी ने बताया कि वापस लौटे यह लोग अलग-अलग सेक्टर में नए तौर तरीकों के साथ काम कर रहे हैं जिसमें बागवानी मत्स्य पालन पर्यटन के अलावा अन्य रोजगार के साधनों से अपनी आजीविका शुरू कर रहे हैं। यही नहीं इन लोगों द्वारा यहां पर अन्य लोगों को भी रोजगार देने का काम किया जा रहा है। डॉ शरद सिंह नेगी ने बताया कि उत्तराखंड के अलग-अलग गांव में देश और विदेशों से लौटे इन रिवर्स पलायन करने वाले लोगों को एकजुट करके पलायन आयोग इन सभी रिवर्स पलायन करने वाले लोगों का अनुभव लेंगे साथ ही इन लोगों को एकजुट कर क्षेत्र में नए रोजगार और नए अपॉइंटमेंट मॉडल का भी डाटा कलेक्ट करके सरकार की योजनाओं में इनको शामिल करेंगे ताकि इस तरह की रोजगार अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग करें और उनके अनुभव से सीखे ताकि जिन गांवों में पलायन हुआ है वहां पर लोग वापस आकर इस तरह के आजीविका के तौर तरीकों को अपनाये।




