✍️ मनमोहन भट्ट, चिन्यालीसौड़/उत्तरकाशी।
उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पूरे उत्साह के साथ गूंजा। राजकीय महाविद्यालय, बिरजा इंटर कॉलेज, पीएम श्री इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़, विकासखंड कार्यालय, उत्तराखंड जल विद्युत निगम सहित विभिन्न ग्राम सभाओं में वृहद पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान, पूर्व पालिका अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली, समन बड़ोनी, धर्मानंद बिजल्वाण, प्राचार्य डॉ. यशवंत सिंह एवं एस.डी. घिल्डियाल ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संदेश देने वाली समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।
इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) जगमोहन सिंह गंगाड़ी, मुकेश आर्य, मनवीर चौहान तथा ब्लॉक प्रमुख रणवीर महंत ने कहा कि उत्तराखंड के पूर्वजों ने हरेला पर्व की परंपरा केवल धार्मिक आस्था के आधार पर नहीं बनाई, बल्कि यह उनकी प्रकृति, ऋतुचक्र और स्थानीय जल-विज्ञान की गहरी वैज्ञानिक समझ का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय दौर में मनाया जाने वाला हरेला पौधारोपण के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है, जिससे पौधों के जीवित रहने की संभावना अधिक रहती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने “एक पेड़, एक जिम्मेदारी” के संकल्प के साथ लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का प्रण लिया तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।




