मुख्य सचिव की अध्यक्षता में भागीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक हुई आयोजित।
देहरादून-19 नवंबर 2025
मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आज भागीरथी इको-सेंसिटिव ज़ोन निगरानी समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इको-सेंसिटिव ज़ोन की परिधि में सुरक्षात्मक और उपचारात्मक कार्य तत्काल प्रभाव से किए जाएं। उन्होंने सिंचाई विभाग सहित संबंधित एजेंसियों को नदी किनारे बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने को कहा।
मुख्य सचिव ने गैर-कृषि एवं कमर्शियल गतिविधियों की अनुमतियों के संबंध में जिलाधिकारी उत्तरकाशी और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जोनल मास्टर प्लान, पर्यावरणीय नियमों और जैव विविधता से जुड़े प्रावधानों का व्यापक अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर IIT रुड़की, हाइड्रोलॉजी संस्थान या वाडिया इंस्टीट्यूट जैसी संस्थाओं की वैज्ञानिक स्टडी को भी प्लान में शामिल किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति की अगली बैठक में जोनल मास्टर प्लान के साथ-साथ किसी भी प्रस्तावित कमर्शियल एक्टिविटी की अनुमति योग्य होने की स्थिति, संबंधित प्रावधानों और नियामकीय निकायों की एनओसी का पूरा विवरण प्रस्तुत किया जाए।
मुख्य सचिव ने इको-जोन में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management) को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ धरातलीय स्थिति के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार करें और अगली बैठक में उसका प्रेज़ेंटेशन सुनिश्चित करें। उन्होंने समिति के सदस्यों और विभागीय अधिकारियों को चिन्हित साइटों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए और कहा कि इसके लिए तिथि भी निर्धारित की जाए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, राज्य निगरानी समिति की स्वतंत्र सदस्य मलिका भनोत, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, यूटीडीबी (इंफ्रास्ट्रक्चर) के निदेशक दीपक खंडूरी, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता संजय राय सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




