रजत जयंती समारोह कार्यक्रम में जंगली जानवरों के आंतक से बर्बाद होती फसलों पर चिंता व्यक्त की।
सुभाष पिमोली थराली।
उत्तराखंड रजत जयंती समारोह परिषद के संयुक्त तत्वाधान में रोवर रेंजर्स, कला संकाय परिषद व विज्ञान संकाय परिषद के उत्तराखण्ड के 25 वर्षीय रजत जयंती समारोह कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में राजकीय महाविद्यालय तलवाड़ी में प्रभारी प्राचार्य डॉ० प्रतिभा आर्या की अध्यक्षता में कार्यक्रम का प्रारंभ नोडल अधिकारी डॉ० पुष्पा रानी के द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रवज्जलन से हुआ। प्रथम कार्यक्रम उत्तराखण्ड के पच्चीस वर्षों का विकास आधारित वाद विवाद प्रतियोगिता में पक्ष में प्रियंका देवराड़ी,स्वीटी, लक्ष्मी रतूड़ी अनिल पुरोहित, तनुजा, राहुल कुमार ने उत्तराखंड में पच्चीस वर्षों में हुए उत्तराखण्ड के विकास का चित्र खींचा। वहीं विपक्ष में अंकित पुरोहित,रिया चंदोला, दीपक देवराडी, मनमोहन सिंह, हिमांशी व भावना पुरोहित ने उत्तराखण्ड के पच्चीस वर्षों में विकास के साथ बढ़ते भ्रष्टाचार, पलायन, चिकित्सा, शिक्षा, रोजगार, रोजगार,स्थानीय उत्पाद की बर्बादी में जंगली जानवरों के आंतक से बर्बाद होती फसलों पर चिंता व्यक्त की। इसके निर्णायक मण्डल में डॉ. ललित जोशी सुनील कुमार, मोहित उप्रेती, डॉ. जमशेद अंसारी थे। दूसरी प्रतियोगिता फोटोग्राफी में स्थानीय त्रिशूल चोटी को प्रदर्शित कर रहे थे। जिसके प्रतिभागी दिया किरमोलिया, कशिश रावत, अभिषेक भण्डारी, हिमांशी, भावना पुरोहित अभिषेक सिंह, मणिकर्णिका व चन्द्रकला जोशी थे। जिसके निर्णायक मण्डल डॉ शंकर राम, डॉ० नीतू पाण्डे, रजनीश कुमार, मनोज कुमार थे। इस रजत जयंती कार्यक्रम की अंतिम प्रतियोगिता क्विज था। जिसमें उत्तराखण्ड सामान्य ज्ञान, प्रसिद्ध इमारत व विज्ञान, विज्ञान, गणित व कला विषय के प्रश्नो को शामिल किया गया। तीन छात्र छात्राओं के चार समूह बनाए गए। जिसमें चार राउण्ड रखे गए थे। प्रत्येक टीम को चार मिनट का समय टाइप कीपर रजनीश कुमार, स्कोर कीपर डॉ० नीतू पाण्डे व सुनील कुमार व प्रश्नकर्त्ता सुधा रानी व डॉ० निशा दौडियाल थी। कार्यक्रम का संचालन राजनीति विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ ललित जोशी द्वारा किया गया।इस अवसर पर प्राध्यापक वर्ग से डॉ खेमकरण सोमन, डॉ० सुनील कुमार, रजनी नेगी, अनुज कुमार,योग प्रशिक्षक कुशलानंद सती ने उत्तराखंड के पच्चीस वर्षों में विकास एवं भविष्यगत संभावनाओं पर अपने विचार रखे। राष्ट्रगीत के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।




