✍️ सुभाष पिमोली थराली।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान के अंतर्गत थराली ब्लॉक में महिलाओं और ग्रामीणों के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविरों की श्रृंखला प्रारंभ की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्वालदम, तलवाड़ी तथा ब्लॉक के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के साथ-साथ राजकीय इंटर कॉलेज लोलटी, चेपड़ो में एस.एन.एस.पी.ए. कैंप आयोजित किया गया । इन शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाओं, बच्चों और जनता ने भाग लेकर स्वास्थ्य संबंधी परामर्श व उपचार प्राप्त किया।
सीएचसी थराली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार टम्टा ने जानकारी दी कि पूरे ब्लॉक में आने वाले दिनों में भी जगह-जगह ऐसे शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि आगामी 25 सितंबर को सीएचसी थराली में एक विशाल शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें सैकड़ों लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श और उपचार की व्यवस्था की जाएगी।हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी दबाव रहा। कई चिकित्सकों का तबादला हो जाने के बावजूद वे अब भी इस विषम परिस्थिति में डटे हुए हैं और लगातार ड्यूटी निभा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इसे स्वास्थ्य कर्मियों की सेवा भावना का बड़ा योगदान
बताया। अधीक्षक डॉ. टम्टा ने भी इस समर्पण की खुलकर सराहना की और कहा कि आपदा काल में स्वास्थ्य सेवाओं का निरंतर संचालन ही क्षेत्र की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।शिविरों को सफल बनाने में पूरे ब्लॉक का स्वास्थ्य अमला जुटा है । इन कैंपों में एएनएम, सीएचओ और फार्मेसी अधिकारियों की टीम ने विशेष योगदान दिया। फार्मेसी अधिकारी गिरीश टम्टा, मदन गुसाईं, ब्लॉक आशा प्रबंधक प्रवीण नेगी, ब्लॉक एसटीएस दिनेश बिष्ट, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े फार्मेसी अधिकारी अनूप बिष्ट के साथ-साथ कई अन्य कर्मचारियों ने शिविरों में सेवाएं दीं।
इसी क्रम में डॉ. नवनीत चौधरी, डॉ. मितेश, डॉ. प्रशांत रावत, डॉ. ऐश्वर्या, डॉ. अमित रुद्र, डॉ. योगिता और अधीक्षक डॉ. अमित कुमार टम्टा स्वयं भी कैंपों में मौजूद रहे। इन सभी चिकित्सकों और अधिकारियों ने सामूहिक रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में कार्य किया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना है। कैंपों में महिलाओं को प्रसव पूर्व और प्रसवोत्तर देखभाल, पोषण, एनीमिया की रोकथाम, किशोरियों के स्वास्थ्य, टीकाकरण और विभिन्न रोगों से बचाव की जानकारी दी गई। साथ ही परिवार नियोजन, गर्भवती महिलाओं की विशेष जाँच और मातृ–शिशु स्वास्थ्य से संबंधित सेवाएँ भी उपलब्ध कराई गईं।
डॉ. अमित कुमार टम्टा ने बताया कि स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार की नींव है। यदि महिलाएँ शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगी तो पूरा परिवार और अंततः पूरा समाज सशक्त होगा। इसी सोच के साथ स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार अभियान को धरातल पर उतारा गया है।
इन शिविरों में केवल उपचार ही नहीं, बल्कि जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने ग्रामीणों को संतुलित आहार, स्वच्छता, समय पर जांच और नियमित व्यायाम के महत्व के बारे में बताया। परिवारों को यह भी समझाया गया कि लापरवाही किसी भी बीमारी को गंभीर बना सकती है, इसलिए शुरुआती लक्षण दिखते ही चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
शिविरों के सफल संचालन के उपरांत अधीक्षक डॉ. अमित कुमार टम्टा ने सीएचसी थराली के समस्त कर्मचारियों और अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि टीम भावना और सामूहिक प्रयासों की बदौलत ही यह संभव हो पाया है। आपदा जैसी कठिन घड़ी में भी स्वास्थ्य कर्मियों ने हार नहीं मानी और जनता को राहत पहुंचाने के लिए दिन-रात कार्य किया।
कैंपों में आई महिलाओं और ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना था कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएँ समय पर उपलब्ध होना बड़ी राहत की बात है। कई महिलाओं ने बताया कि इस अभियान के तहत मिली जांच और परामर्श से उन्हें काफी लाभ हुआ।
स्वास्थ्य विभाग ने आगामी दिनों में और भी व्यापक स्तर पर कैंप लगाने की योजना बनाई है। ब्लॉक के दुर्गम और दूरस्थ गांवों में टीम भेजी जाएगी, ताकि कोई भी महिला या परिवार स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रह जाए। विशेष रूप से आपदा प्रभावित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। न केवल स्वास्थ्य सेवाएँ पहुंचाने का प्रयास है, बल्कि यह ग्रामीण समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जगाने की एक ठोस पहल भी है। थराली ब्लॉक में शुरू हुए ये शिविर आने वाले समय में निश्चय ही क्षेत्र की महिलाओं और परिवारों के जीवन को अधिक सुरक्षित और स्वस्थ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।




