✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
हरेला महापर्व के अवसर पर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तरकाशी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जनपदभर में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया। निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म, उत्तराखंड राजपाल लेघा के निर्देश पर जिले के सभी स्वीकृत खनन पट्टों, स्टोन क्रेशरों, भंडारण क्षेत्रों एवं खनन प्रतिष्ठानों में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसी क्रम में तहसील चिन्यालीसौड़ के ग्राम कुमराड़ा के थौला तोक में विकासखंड प्रशासन, वन विभाग धरासू और ग्राम पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में 100 पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधों की सुरक्षा, घेरबाड़ और नियमित सिंचाई सुनिश्चित करने का भी संकल्प लिया गया।
जिला खान अधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी खनन प्रतिष्ठानों को अपने-अपने क्षेत्रों में वृक्षारोपण के निर्देश दिए गए हैं। इस वर्ष पूरे जिले में 2000 से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा प्रत्येक पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी भी संबंधित प्रतिष्ठानों को सौंपी गई है।
वृक्षारोपण अभियान के तहत बड़कोट तहसील के डख्याट (राटा तोक), पौटी (इन्द्रेली तोक), पुरोला के भंकोली, डुंडा के सिंगोटी, मातली, हिटाणु कैड़ी गाड़, रुन्वासा तथा चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के मल्ली, तुल्याड़ा और गैलाड़ी सहित कई स्थानों पर भी पौधारोपण किया गया। अन्य क्षेत्रों में भी अभियान लगातार जारी है।
कुमराड़ा में आयोजित कार्यक्रम में ब्लॉक प्रमुख चिन्यालीसौड़ रणवीर महंत, जिला खान अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी धरासू, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर 100 पौधे रोपे, जबकि ग्रामीणों ने इनके संरक्षण की जिम्मेदारी ली। ब्लॉक प्रमुख रणवीर महंत ने भी पौधों की सुरक्षा एवं देखरेख के लिए ब्लॉक स्तर से हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
हरेला के अवसर पर चलाया गया यह अभियान केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, हरित उत्तराखंड और जनसहभागिता का मजबूत संदेश भी देता नजर आया।




