✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
खबर उत्तरकाशी से है जहां पर राजकीय महाविद्यालय ब्रह्मखाल में कला संकाय के अंतर्गत इतिहास, भूगोल, संस्कृत एवं शिक्षा शास्त्र विषयों की स्वीकृति प्रदान किए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। भाजपा उत्तराखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभी स्वराज विद्वान ने इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र भेजकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2014-15 से संचालित राजकीय महाविद्यालय ब्रह्मखाल में वर्तमान में केवल छह विषय संचालित हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को अपनी रुचि के अनुसार विषय चयन का अवसर नहीं मिल पा रहा है। विषयों की कमी के कारण अनेक विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए अन्य महाविद्यालयों का रुख करना पड़ता है।
डॉ. विद्वान ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा कई वर्षों से इतिहास, भूगोल, संस्कृत और शिक्षा शास्त्र विषयों की स्वीकृति की मांग की जा रही है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री तथा महामहिम राज्यपाल के समक्ष भी मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक इन विषयों को स्वीकृति नहीं मिल सकी है।
उन्होंने कहा कि इन विषयों की स्वीकृति मिलने से ब्रह्मखाल एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध होगी और उन्हें 40–50 किलोमीटर दूर अन्य महाविद्यालयों में जाने की मजबूरी से राहत मिलेगी।
डॉ. सुभी स्वराज विद्वान ने उच्च शिक्षा विभाग से जनहित को ध्यान में रखते हुए राजकीय महाविद्यालय ब्रह्मखाल में इतिहास, भूगोल, संस्कृत एवं शिक्षा शास्त्र विषयों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया है।




