✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
उत्तरकाशी जनपद में 5 अगस्त को आई धराली-हर्षिल आपदा और यमुना घाटी के स्यानाचट्टी तथा जनपद के अन्य स्थानों पर आपदा से क्षतिग्रस्त होने के बाद स्थिति का विस्तृत आकलन करने और नुकसान का अनुमान लगाने के लिए एक बहु-क्षेत्रीय आपदा पश्चात आवश्यकता आकलन (PDNA) टीम बुधवार को उत्तरकाशी जनपद मुख्यालय पहुंची। पीडीएनए टीम ने उत्तरकाशी मुख्यालय पहुंचकर कर जिला कलेक्ट्रेट के सभागार कक्ष में प्रेजेंटेशन के माध्यम से आपदा की स्थिति को समझा। यह टीम केंद्र सरकार, राज्य सरकार के विशेषज्ञों से मिलकर बनी है।
पीडीएनए टीम आपदा से प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान, क्षति और विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं का वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से आकलन करेगी तथा इसके आधार पर पुननिर्माण और पुनर्वास की रिपोर्ट तैयार करेगी ।
टीम ने कृषि, बुनियादी ढांचे ,सड़कें, पुल, बिजली, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का जायजा लिया।
टीम का उद्देश्य जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ मिलकर एक सटीक डाटा इकट्ठा करना करना है।
पीडीएनए टीम में डॉ. अजय चौरसिया चीफ वैज्ञानिक (CBRI), डॉ. मोहित कुमार पुनिया (ULMMC), डॉ. महेश शर्मा प्रोफेसर (NIDM), डॉ. गगनदीप सिंह प्रोफेसर (NIDM), डॉ. अशोक ठाकुर सीनियर कंसल्टेंट (NIDM), सार्थक चौधरी सहायक अभियंता (ULMMC), अमित गैरोला सहायक अभियंता (ULMMC) सदस्य शामिल हैं। इस दौरान जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा आपदा से संबंधित सभी जानकारी विस्तार से साझा की गई।

