क्षेत्र पंचायत चकराता की बैठक में अधिकारियों की लापरवाही पर विधायक प्रीतम सिंह सख्त, अनुपस्थित अधिकारियों को लगाई फटकार
चकराता, संवाददाता।
जनपद देहरादून, विकासखंड चकराता के क्षेत्र पंचायत की बैठक मंगलवार को ग्वासा पुल स्थित खंड विकास कार्यालय के सभागार में ब्लॉक प्रमुख आशा वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में क्षेत्र की सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई एवं आवास योजनाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे। बैठक में पहुंचे क्षेत्रीय विधायक प्रीतम सिंह ने विभिन्न विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए दूरभाष पर ही फटकार लगाई तथा कई विभागों के सक्षम अधिकारियों के बैठक में उपस्थित न होने पर प्रतिनिधि अधिकारियों को वापस लौटा दिया।
विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के प्रति अधिकारियों को गंभीरता दिखानी होगी तथा अपने कार्य व्यवहार में सुधार लाना होगा। उन्होंने अगली बैठक में संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के प्रारंभ में ब्लॉक प्रमुख आशा वर्मा एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने विधायक प्रीतम सिंह का स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया। इसके बाद क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम प्रधानों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं सदन के समक्ष रखीं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में अनियमितताओं का आरोप
बैठक में कई प्रधानों एवं बीडीसी सदस्यों ने प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन में भारी अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। जनप्रतिनिधियों का कहना था कि कई स्थानों पर बिना सर्वेक्षण के अपात्र लोगों को आवास आवंटित किए गए हैं जबकि पात्र लोग योजना से वंचित हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आवास आवंटन में हुई गड़बड़ियों के प्रमाण प्रस्तुत किए जाएंगे और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
सड़कों की बदहाल स्थिति पर जनप्रतिनिधियों का आक्रोश
बैठक में लोक निर्माण विभाग की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों ने तीखी नाराजगी जताई। क्षेत्र पंचायत सदस्य सरदार सिंह चौहान ने क्वासी-डामटा मोटर मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढों, बड़कोटी में निर्माण कार्य से क्षतिग्रस्त दीवार, सीडी गांव के पास टूटी नाली समेत कई समस्याएं उठाईं।
इसके अलावा बुरायला मार्ग, मुंधोल मार्ग, लखवाड़ बेंड, सुनिर मोटर मार्ग, तयुना-मेघाटू मार्ग, शेडिया बेंड, चांजोई, कुनेन, समोग, दांवापुल-मिंडाल, सिलामू-कोटा, शरना-बुरांसी तथा बिरनाड़-पुरटाड़ मार्गों की खराब स्थिति को लेकर भी शिकायतें दर्ज की गईं।
जनप्रतिनिधियों ने दांवापुल-मिंडाल मार्ग का निर्माण अधूरा छोड़े जाने, गौराघाटी-रंगेऊ मार्ग के प्रतिकर भुगतान लंबित रहने तथा जगथान मोटर मार्ग पर पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की समस्याएं भी उठाईं। वहीं खाटूवा-खारसी मोटर मार्ग का निर्माण अधूरा छोड़ने के मामले में अधिकारियों ने बताया कि संबंधित ठेकेदार का अनुबंध समाप्त कर उसकी जमानत राशि जब्त कर ली गई है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर रोष
बैठक में प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अनुपस्थिति पर विधायक एवं ब्लॉक प्रमुख ने नाराजगी व्यक्त की। जनप्रतिनिधियों ने कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, बायोमेट्रिक मशीनों के खराब होने तथा शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की।
क्वानू समेत कई विद्यालयों में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति नहीं होने की शिकायत सामने आई। डागूठा में शिक्षक नियुक्ति, गबेला विद्यालय में रिक्त पद भरने, जगथान, क्वासी एवं रडू के जर्जर स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण, दसऊ इंटर कॉलेज में खेल मैदान निर्माण तथा चिल्हाड़ इंटर कॉलेज में बाउंड्री वॉल निर्माण की मांग उठाई गई।
बाल विकास एवं उद्यान विभाग पर भी उठे सवाल
जनप्रतिनिधियों ने बाल विकास विभाग द्वारा वितरित राशन एवं पोषाहार की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। विधायक प्रीतम सिंह ने इसे बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया जाएगा।
उद्यान विभाग पर समय से पौध उपलब्ध न कराने और निम्न गुणवत्ता की पौध वितरण करने के आरोप लगाए गए।
मनरेगा में डिजिटल हाजिरी पर पुनर्विचार की मांग
बैठक में मनरेगा कार्यों में डिजिटल हाजिरी प्रणाली को लेकर भी चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या के कारण डिजिटल उपस्थिति दर्ज करना कई स्थानों पर संभव नहीं हो पाता, इसलिए इस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
पशुपालन, कृषि एवं सहकारिता विभाग ने दी योजनाओं की जानकारी
पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनजीत ने कुक्कुट पालन योजना की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से इसका लाभ उठाने की अपील की। कृषि विभाग ने कृषि यंत्रीकरण योजना के अंतर्गत ब्रश कटर, छोटे ट्रैक्टर सहित अन्य कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध होने की जानकारी दी। सहकारिता विभाग ने किसानों एवं स्वरोजगार से जुड़े ऋणों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रोटोकॉल पालन के निर्देश
जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की कि विभागीय अधिकारी ग्राम स्तर की बैठकों एवं दौरे की जानकारी क्षेत्र पंचायत सदस्यों को नहीं देते। इस पर विधायक ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि डिजिटल युग में सूचना साझा न करना गंभीर लापरवाही है और प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विधायक प्रीतम सिंह, ब्लॉक प्रमुख आशा वर्मा, ज्येष्ठ प्रमुख फतेह सिंह, कनिष्ठ प्रमुख सुलोचना रावत, जिला पंचायत सदस्य प्रवीण रावत, जिला परियोजना अधिकारी विक्रम सिंह, खंड विकास अधिकारी राकेश बिष्ट सहित अनेक अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।




