घायल युवा हाथी जंगल में भटक रहा, दो दिन खोजती रही ग्राम सभा… वन विभाग को नहीं मिला सुराग, उठे बड़े सवाल
ग्राम सभा खादरी खड़क माफ से सटे जंगल क्षेत्र में एक घायल युवा हाथी के देखे जाने की सूचना के बाद इलाके में चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि करीब दो दिन पहले स्थानीय लोगों को जंगल में एक युवा हाथी दिखाई दिया था, जो गंभीर रूप से घायल अवस्था में था।
जानकारी के अनुसार यह जंगल क्षेत्र दो वन रेंजों में आता है, जिनमें चीला रेंज और बड़कोट रेंज शामिल हैं। जब इस बात की सूचना ग्राम सभा के जनप्रतिनिधियों को मिली तो ग्राम सभा खदरी के जनप्रतिनिधि विनोद चौहान और शांति प्रसाद थपलियाल ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दो दिन पहले पूरे जंगल क्षेत्र में घायल हाथी की तलाश की, लेकिन उस समय हाथी का कोई पता नहीं चल पाया।
इसके बाद इस मामले में चीला रेंज के रेंजर राजेश जोशी से संपर्क किया गया। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और वन विभाग की टीम हाथी की तलाश और मॉनिटरिंग कर रही है। रेंजर के अनुसार हाथी को ढूंढने के लिए वन विभाग की टीम को भी लगाया गया है।
हालांकि दो दिन बाद दोबारा जानकारी लेने पर भी वन विभाग को हाथी का कोई सुराग नहीं मिला। वहीं सूत्रों के अनुसार यह मामला नया नहीं बल्कि करीब दो से तीन महीने पुराना बताया जा रहा है।
इस बीच ग्राम सभा खदरी के निवासी और पशु प्रेमी अनिल रयाल, जो रोज सुबह खदरी पॉलिटेक्निक कॉलेज के पास जंगल की ओर भ्रमण के लिए जाते हैं, उन्होंने कल उसी क्षेत्र में घायल युवा हाथी को देखा। अनिल रयाल के अनुसार हाथी का एक पैर बुरी तरह से घायल है और उसमें ट्यूमर जैसी सूजन भी दिखाई दे रही है।
अब सवाल यही खड़ा हो रहा है कि जब स्थानीय लोगों को घायल हाथी दिखाई दे रहा है तो वन विभाग की टीम को अब तक उसका पता क्यों नहीं चल पाया। क्या वन विभाग के सर्च अभियान में कहीं चूक हो रही है या फिर वास्तव में कोई प्रभावी खोज अभियान चलाया ही नहीं गया?
यह भी बड़ा सवाल है कि अगर घायल हाथी को समय रहते उपचार नहीं मिला तो उसकी जान भी जा सकती है। यदि ऐसा होता है तो यह वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग से मांग की है कि इस मामले को तत्काल गंभीरता से लेते हुए घायल हाथी को जल्द से जल्द ढूंढकर उसका उपचार कराया जाए, ताकि एक बेजुबान वन्य जीव की जान बचाई जा सके।




