✍️ उत्तम सिंह,लालतप्पड़/ऋषिकेश ।
औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक शोषण के विरुद्ध चल रहा श्रमिकों का धरना आज पांचवें दिन भी लगातार जारी रहा। श्रमिकों ने कहा कि महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर भी उन्हें मजबूरन धरने पर बैठना पड़ रहा है, जो कंपनी प्रबंधन की हठधर्मिता को दर्शाता है।
रविवार को आंदोलन के पांचवें दिन श्रमिकों ने पैदल पदयात्रा निकालकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ अपना रोष प्रकट किया। धरना स्थल पर जीवनवाला ग्राम प्रधान गुरजीत सिंह लाड़ी एवं ग्राम पंचायत सदस्य दीवान सजवाण ने पहुंचकर श्रमिकों को समर्थन दिया।
ग्राम प्रधान गुरजीत सिंह लाड़ी ने कहा कि जनप्रतिनिधि श्रमिकों के साथ खड़े हैं और किसी भी प्रकार के शोषण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं श्रमिक नेता एवं सभासद संदीप सिंह नेगी ने स्पष्ट किया कि जब तक श्रमिकों की मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन को और अधिक प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
श्रमिकों ने कहा कि समाज के अंतिम छोर पर कार्य कर रहे मजदूरों का शोषण श्रम विभाग एवं शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। श्रमिकों का आरोप है कि प्रशासन कंपनी की मनमानी पर अंकुश लगाने में अब तक सफल नहीं हो पाया है।
धरना स्थल पर मांगें पूरी न होने की स्थिति में आंदोलन को दिन-प्रतिदिन और धार देने की रणनीति पर भी विचार किया गया।
इस अवसर पर श्रमिक नेता पवन सिंह नेगी, ऋषि रावत, विमल सिंह, नरेश असवाल, सतीश, अमित, मोहित नेगी, पवन कुमार, मुकेश नौटियाल, निखिल लिंगवाल, संदीप सिंह, श्याम सिंह, अनिल, प्रकाश थापा सहित अनेक श्रमिक मौजूद रहे।




