✍️ मनमोहन भट्ट, ब्रह्मखाल/उत्तरकाशी।
प्रदेश में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में कृषि विभाग लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में जनपद उत्तरकाशी में डुंडा प्रखंड के ग्राम पंचायत नवागांव में कृषि विभाग द्वारा किसानों को जैविक खाद एवं जीवामृत तैयार करने के लिए विशेष ड्रम निशुल्क वितरित किए गए। इस पहल का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती से प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती की ओर प्रेरित करना है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहे।
ड्रम वितरण कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को ड्रमों के उपयोग, जीवामृत एवं अन्य जैविक घोल तैयार करने की विधि तथा प्राकृतिक खेती के लाभों की मैखिक जानकारी दी और गांव में कैंप लगाकर किसानों को ट्रेनिंग देने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि जैविक खेती अपनाने से उत्पादन लागत कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होता है और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलती है।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी ने कृषि विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग की यह पहल किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि सरकार और कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय-समय पर उपलब्ध कराई जा रही योजनाओं का लाभ लेकर किसान अपनी खेती को अधिक लाभदायक बना सकते हैं। उन्होंने सभी किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने तथा रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से बचने की अपील की।
ग्राम प्रधान ने कहा कि जैविक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ मिट्टी, स्वच्छ पर्यावरण और सुरक्षित खाद्यान्न उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कृषि विभाग से भविष्य में भी किसानों के लिए प्रशिक्षण शिविर एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया।
ग्रामीणों और किसानों ने भी कृषि विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि इस प्रकार के प्रयासों से क्षेत्र में जैविक खेती को नई गति मिलेगी और अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।




