अनुज नेगी
सतपुली : राष्ट्रीय राजमार्ग-534 के स्थिति गुमखाल सतपुली मार्ग पर पिछले एक वर्ष से सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है!लेकिन गुमखाल–सतपुली मार्ग पर अब इसी विकास कार्य को लेकर ऐसे सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनका जवाब सिर्फ निर्माण एजेंसी शिवलिक इंफ़्रा को नहीं, बल्कि प्रशासन और वन विभाग को भी देना होगा।
गुमखाल पुलिस चौकी के सामने बनाए गए डंपिंग जोन में सड़क निर्माण से निकला भारी मात्रा में मलबा डाले जाने से बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ दब गए हैं और प्राकृतिक जलस्रोत भी प्रभावित होने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
मगर जिम्मेदार प्रशासन और वन विभाग आंखें मूंद कर बैठा हुआ है!
वही हमारे द्वारा कई बार प्रशासन और वन विभाग को इसकी शिकायत की गई मगर जिम्मेदार विभाग हवा हवाई बात करके चलते बनता है,जिससे साफ लगता है कि प्रशासन और वन विभाग शिवालिक इंफ्रा सेटिंग गेटिंग अपनी अहम भूमिका निभा रहा है!
अब सवाल यह है—
❓ क्या डंपिंग जोन की अनुमति सिर्फ कागजों पर थी?
आपको बता दे की प्रशासन द्वारा NH को डंपिंग जोन को निर्धारित शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी,और शर्तों में वन संपदा तथा जलस्रोतों को नुकसान न पहुंचाने संबंधी प्रावधान हैं।
अगर यह सही है तो सबसे बड़ा सवाल यही है—
फिर मौके पर पेड़ मलबे के नीचे कैसे पहुंचे?
क्या डंपिंग शुरू होने से पहले साइट का सही सर्वे हुआ था?
क्या अधिकारियों ने मौके पर जाकर देखा कि मलबा कहां और किस सीमा तक डाला जा रहा है?
और अगर निरीक्षण हुआ था तो—
फिर जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हुई?




