✍️ मनमोहन भट्ट, डुंडा/उत्तरकाशी।
जनपद उत्तरकाशी के राजकीय इंटर कॉलेज मालनाधार, डुंडा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष (दिवस–रात्रि) शिविर का शुभारंभ राजकीय प्राथमिक विद्यालय बांदू में अत्यंत हर्ष, उल्लास एवं अनुशासनपूर्ण वातावरण में किया गया। शिविर का उद्देश्य स्वयंसेवियों में सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व तथा राष्ट्र निर्माण के संस्कारों का विकास करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ ग्राम प्रधान श्रीमती रुकमणी चमोली, क्षेत्र पंचायत सदस्य श्रीमती बवीता सेमवाल, प्रधानाचार्य यशपाल सिंह शाह, कार्यक्रम अधिकारी विनोद प्रसाद नौटियाल, प्रवक्ता महेंद्र कुमार, सहायक अध्यापक जयदीप भण्डारी, धर्मेंद्र रावत तथा ग्राम के गणमान्य नागरिक वीरेश सेमवाल, दाताराम सेमवाल, कमलाराम चमोली, प्रेम सिंह राणा, शक्ति प्रसाद अवस्थी, श्रीमणि सेमवाल सहित अन्य ग्रामीणों एवं स्वयंसेवियों की गरिमामयी उपस्थिति में सरस्वती माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत रूप से किया गया।
इस अवसर पर अतिथियों ने स्वयंसेवियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़ती है तथा उनमें नेतृत्व, अनुशासन एवं सेवा के संस्कार विकसित करती है। उन्होंने शिविर के दौरान स्वच्छता, सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण एवं सामूहिक श्रम के कार्यों को पूरी निष्ठा से संपन्न करने का आह्वान किया।
शिविर के उद्घाटन अवसर पर स्वयंसेवियों द्वारा स्वागत गीत एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें लोकसंस्कृति एवं सामाजिक संदेशों की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शिविर के प्रथम दिवस स्वयंसेवियों द्वारा विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके साथ ही स्वयंसेवियों ने सामूहिक श्रम के माध्यम से रात्रि भोजन की व्यवस्था स्वयं कर अनुशासन, आत्मनिर्भरता एवं सहयोग की मिसाल प्रस्तुत की।
कार्यक्रम अधिकारी विनोद प्रसाद नौटियाल ने शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि आगामी सात दिनों तक स्वयंसेवियों द्वारा स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति जागरूकता, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन को गति मिलेगी।




