पत्रकारों की कानूनी लड़ाई फ्री लड़ेंगे वकील विकेश नेगी
– अंकिता भंडारी हत्याकांड के दिन से पहले एक सप्ताह का अपना शेड्यूल जारी करें दुष्यंत गौतम
– बेहतर हो कि दुष्यंत गौतम देहरादून आएं, पुलिस जांच में सहयोग करें, पत्रकारों का न धमकाएं


अंकिता भड़ारी हत्याकांड मामले में अभिनेत्री उर्मिला के खुलासे के बाद भाजपा के कई नेताओं के चेहरों से नकाब उतर गया है। उर्मिला के खुलासे और भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की आडियो से अंकिता भंडारी मर्डर केस में कथित वीआईपी के तौर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम का नाम उछलने के बाद दुष्यंत गौतम ने प्रदेश के गृह सचिव को पत्र लिखकर 28 यू-टयूब चैनल्स, पोर्टल और निजी पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की है।
अंकिता भंडारी मर्डर केस पहाड़ की अस्मिता से जुड़ा है। इस मामले में यदि कोई वीआईपी है तो उसे भी जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए। दुष्यंत गौतम ने मीडिया को डराने का काम किया है। उनको चाहिए था कि इस मामले में वह देहरादून आते और मीडिया के सामने उनके सवालों के जवाब देते। या फिर डीजीपी को कहते कि मेरी जांच करो। उन्हें अंकिता भडारी हत्याकांड के दिन और आसपास के तीन चार दिनों का अपना शेड्यूल भी जारी करना चाहिए था कि क्या वो उस दिन या उसके आसपास के दिनों में उत्तराखंड में थे?
एडवोकेट विकेश नेगी ने घोषणा की है कि अंकिता भंडारी से जुड़े इस मामले में वह पत्रकारों की कानूनी लड़ाई निशुल्क लड़ेंगे।




