✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
पिछले वर्ष आई भीषण प्राकृतिक आपदा की बरसी से पहले उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने धराली में जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए बहुद्देशीय शिविर एवं जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया। विकासखंड भटवाड़ी के धराली में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य आपदा प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके द्वार तक पहुंचाना और स्थानीय स्तर पर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना रहा।
शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही स्थान पर अपनी सेवाएं उपलब्ध कराईं। ग्रामीणों की ओर से कुल 21 शिकायतें और समस्याएं दर्ज कराई गईं, जिनका मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कल्प केदार मंदिर के पुनरुद्धार की मांग उठाई। इस पर जिलाधिकारी ने ग्रामवासियों से प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा और जिला विकास पर्यटन अधिकारी को प्रस्ताव मिलते ही आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सोमेश्वर मंदिर में शेल्टर निर्माण की मांग को जिलाधिकारी ने मौके पर ही स्वीकृति प्रदान कर दी।
ग्रामीणों ने जीवन ज्योति बीमा योजना के भुगतान में देरी का मामला भी उठाया। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को पंजाब नेशनल बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र लोगों को जल्द भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
पुनर्वास की प्रगति की जानकारी देते हुए उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी ने बताया कि 21 परिवारों के पुनर्वास संबंधी भू-वैज्ञानिक सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है, 66 परिवारों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है तथा 25 परिवारों का सर्वे शीघ्र कराया जाएगा।
धराली के ग्रामीणों ने होम स्टे योजना का लाभ लेने के लिए भूमि को 143 में दर्ज करने की मांग भी रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई के निर्देश दिए। पंचायत भवन निर्माण के संबंध में एडीपीआरओ ने बताया कि भवन स्वीकृत हो चुका है और शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होगा। वहीं बिजली की समस्या पर यूपीसीएल को सिंगल फेज लाइन वाले क्षेत्रों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक शौचालय की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये की लागत से सामुदायिक शौचालय निर्माण का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है, जिसकी स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
शिविर में राजस्व, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, कृषि, उद्यान, पशुपालन, विद्युत, पेयजल एवं बैंकिंग सहित विभिन्न विभागों ने स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य परीक्षण, पेंशन, योजनाओं में पंजीकरण तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं।
इस अवसर पर उद्यान विभाग की पीएमएफएमई/सीएमएफएमई योजना के अंतर्गत कई लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट वितरित की, जबकि समाज कल्याण विभाग ने दिव्यांगजनों को कान की मशीनें उपलब्ध कराईं।
ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के बाद लगातार क्षेत्र में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करना प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत कर रहा है और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को नई गति मिल रही है।




