“कल सिमली में बंदूक लहराई, आज तलवार चला दी” – कर्णप्रयाग बवाल पर फूटा व्यापारियों का गुस्सा
सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हिंसक झड़प के बाद कई घंटे रहा हाईवे जाम; कड़ी सुरक्षा में सुचारू हुई चारधाम यात्रा
चमोली जिले के कर्णप्रयाग में सिख श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण बना रहा। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर जमकर प्रदर्शन किया। हालांकि बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद चारधाम यात्रा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुचारू कराई गई। स्थिति पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी चमोली और पुलिस अधीक्षक चमोली स्वयं मौके पर डटे रहे।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि इस दौरान कुछ सिख श्रद्धालुओं ने तलवार से हमला किया, जिसमें कई स्थानीय लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। व्यापारियों ने प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, “कल सिमली में लहराई गई और आज कर्णप्रयाग में तलवार चला दी। आखिर स्थानीय लोगों और व्यापारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?”
व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए हाईवे जाम कर दिया, जिससे बद्रीनाथ मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा।
कर्णप्रयाग की घटना के बाद एहतियातन श्रीनगर में भी कुछ समय के लिए चारधाम यात्रा को एनआईटी मैदान में रोका गया। सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी और स्थिति सामान्य होने के बाद यात्रा को आगे बढ़ाया गया।
प्रशासन ने मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।




