UKD नेता से अभद्रता पड़ी भारी, गालीबाज पुलिसकर्मी लाइन हाज़िर; संगठन की चुप्पी पर भी उठे सवाल
देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) के वरिष्ठ नेता आशुतोष नेगी के साथ फोन पर कथित अभद्रता और गाली-गलौज करने के आरोप में हर्रावाला चौकी में तैनात पुलिसकर्मी सुरेंद्र सिंह रावत को एसएसपी देहरादून द्वारा तत्काल प्रभाव से लाइन हाज़िर कर दिया गया है। मामले की जांच सीओ स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
जानकारी के अनुसार किसी विषय को लेकर आशुतोष नेगी और पुलिसकर्मी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, जिसमें पुलिसकर्मी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किए जाने का आरोप है। मामला सामने आने के बाद एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित जवान को लाइन हाज़िर कर जांच के आदेश जारी कर दिए।
इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए आशुतोष नेगी ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि उस व्यवस्था से है जो उत्तराखंड पुलिस की छवि को धूमिल कर रही है और आम नागरिक के मन में पुलिस के प्रति अविश्वास पैदा कर रही है।
हालांकि इस घटना के बाद एक और सवाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। आशुतोष नेगी अक्सर जनहित और संगठन के मुद्दों पर मुखर दिखाई देते हैं, लेकिन जब मामला उनके सम्मान से जुड़ा आया तो UKD के अधिकांश नेता खामोश नजर आए। संगठन की यह चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय से हाशिए पर खड़े उत्तराखंड क्रांति दल को जमीनी स्तर पर सक्रिय रखने और जनता के बीच उसकी मौजूदगी बनाए रखने में आशुतोष नेगी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में उनके समर्थकों के बीच यह चर्चा भी तेज है कि आखिर संगठन के भीतर से उनके समर्थन में खुलकर आवाज़ क्यों नहीं उठी।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट तथा आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।




