थराली को जिला बनाने की मांग को लेकर बैठक,बौद्धिक जागरण विकास मंच ने बनाई आंदोलन की रणनीति।
सुभाष पिमोली थराली। सोमबार को बौद्धिक जागरण मंच ने थराली को जिला घोषित किए जाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान थराली में आवश्यक बैठक मंच के अध्यक्ष पूर्व प्रमुख बख्तावर सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। विधानसभा थराली बौद्धिक जागरण विकास मंच के आह्वान पर आयोजित इस बैठक में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में जनता उपस्थित रही । वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि थराली की भौगोलिक परिस्थितियां, सीमांत स्थिति और प्रशासनिक दूरी को देखते हुए अब जिला गठन का निर्णय टाला नहीं जाना चाहिए।अध्यक्ष बख्तावर सिंह नेगी ने बताया कि थराली क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत दुर्गम और संवेदनशील है। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए क्षेत्रवासियों को आज भी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सोल संघर्ष समिति के अध्यक्ष चरण सिंह रावत ने बताया जिला मुख्यालय की दूरी अधिक होने के कारण विकास कार्यों के लिए धन के साथ समय की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा कि थराली को अलग जिला बनाए बिना क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है प्रधान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत ने बताया कि थराली क्षेत्र प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से भी संवेदनशील है। बरसात और शीतकाल में सड़क बंद होना, भूस्खलन और अतिवृष्टि जैसी घटनाएं आम हैं। आपदा के समय दूर स्थित जिला मुख्यालय से त्वरित सहायता न मिल पाने के कारण जन-धन की क्षति अधिक बढ़ जाती है। यदि थराली में जिला बन जाता है तो आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक निर्णयों में तेजी लाई जा सकेगी। इस मौके पर प्रधान संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह रावत,पूर्व प्रधान डॉक्टर जगमोहन रावत, सोल संघर्ष समिति के अध्यक्ष चरण सिंह रावत, पप्पू बाबा, मोहन राम, नंदन सिंह रावत, दिनेश चंद्र मिश्रा, हरेंद्र सिंह आदि ने अपने विचार व्यक्त किया।




