✍️ उत्तम सिंह,सेलाकुई।
सेलाकुई स्थित ईएसआई डिस्पेंसरी में हीमोफिलिया बीमारी को लेकर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर Novo Nordisk कंपनी के सहयोग से विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आवृति बवेजा (एमडी, हीमोफिलिया) ने हीमोफिलिया विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हीमोफिलिया एक अनुवांशिक बीमारी है, जिसमें शरीर में रक्त का थक्का (क्लॉट) सही तरीके से नहीं बन पाता, जिससे मामूली चोट लगने पर भी लंबे समय तक खून बह सकता है।
डॉ. बवेजा ने इस बीमारी के उपचार में उपलब्ध नई तकनीकों और क्लिनिकल रिसर्च के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि आधुनिक चिकित्सा में फैक्टर-8 तथा Turoctocog alfa जैसी विश्व स्तरीय दवाएं मरीजों के लिए काफी प्रभावी साबित हो रही हैं। उन्होंने समय पर जांच और नियमित उपचार को बेहद आवश्यक बताया।
इस सेमिनार में ईएसआई डिस्पेंसरी के डॉक्टर दीपक रावत, अरस्तु रोहिला, फार्मेसी अधिकारी योगेश सेमवाल, एएनएम अंजू, सहित कई मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में हीमोफिलिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आधुनिक उपचार पद्धतियों की जानकारी देना रहा।




