✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
चारधाम यात्रा को सुचारु, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम सहित प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक सेवाओं और व्यवस्थाओं की निगरानी अब रोजाना की जाएगी। उत्तरकाशी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी/जोनल मजिस्ट्रेट गंगोत्री धाम मुक्ता मिश्र ने वर्चुअल माध्यम से सेक्टर अधिकारियों एवं विभागीय नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन,समस्याओं के समाधान और व्यवस्थाओं की सतत निगरानी पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए सभी को टीम भावना और आपसी तारतम्य के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।
अपर जिलाधिकारी/जोनल मजिस्ट्रेट ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं के तहत स्वास्थ्य,सफाई,पेयजल,विद्युत,पुलिस सहायता तथा यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने सीमा सड़क संगठन को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों यथा नगुण पुल,चढ़ेथी और काली पहाड़ी,डबरानी में जेसीबी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में जेसीबी मशीनें अधिकतम 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचनी चाहिए और ऑपरेटर की तैनाती भी पहले से सुनिश्चित रहे। एडीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखी निर्माण सामग्री को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए, ताकि यातायात बाधित न हो। बैठक में स्वास्थ्य, पेयजल और विद्युत समेत यात्रा से जुड़े सभी विभागों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। एडीएम ने गंगोत्री वाहन पार्किंग में अधिक शुल्क वसूले जाने की शिकायत पर सम्बन्धित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस संबंध में ईओ गंगोत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर पंचायत द्वारा संबंधित फर्म पर ₹50 हजार का चालान किया जा चुका है।
वर्चुअल बैठक में सीएमओ डॉ बीएस रावत,एसडीएम शालिनी नेगी, सीओ जनक पंवार,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं सहित सेक्टर व नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।




