उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का बड़ा ऐलान: 1 अप्रैल से कार्य बहिष्कार शुरू , केंद्रों पर ताले लगाने की चेतावनी
देहरादून। उत्तराखंड की आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, सेविका एवं मिनी कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी न होने पर सरकार के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ती / सेविका / मिनी कर्मचारी संगठन उत्तराखंड के बैनर तले प्रदेशभर की कार्यकर्ताओं ने 1 अप्रैल 2026 से संपूर्ण कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है।
संगठन की प्रदेश अध्यक्षा श्रीमती रेखा नेगी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, 14 मार्च 2026 को आयोजित प्रदेश स्तरीय रैली के दौरान प्रशासन द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को जबरन रोककर अभद्र तरीके से वाहनों में भर दिया गया, जिसे संगठन ने निंदनीय बताया है।
इसी के विरोध में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पहले ही अपने केंद्रों में केवल उपस्थिति दर्ज करने तक सीमित रहने और पोषण ट्रैकर जैसे कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया था। लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अब आंदोलन को और तेज करते हुए पूर्ण बहिष्कार का निर्णय लिया गया है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मानदेय में वृद्धि नहीं की जाती, तब तक प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने केंद्रों पर ताले लगाकर काम बंद रखेंगी। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि वे बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संबंधित कोई भी कार्य नहीं करेंगी।
इस निर्णय की सूचना संबंधित विभागों, जिलाधिकारियों, निर्वाचन अधिकारियों सहित महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को भेज दी गई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस बढ़ते विरोध और आक्रोश को शांत करने के लिए क्या कदम उठाती है, क्योंकि इस हड़ताल का सीधा असर प्रदेश में चल रही बाल विकास और पोषण योजनाओं पर पड़ सकता है।




