रिपोर्ट राकेश मलासी
सेलाकुई में हिंदू नववर्ष पर निकला भव्य पथ संचालन, सैकड़ों स्वयंसेवकों की सहभागिता
देहरादून जनपद के सेलाकुई नगर में वर्ष प्रतिपदा (हिंदू नववर्ष) के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर के सैकड़ों स्वयंसेवकों ने अनुशासित रूप से संचलन में प्रतिभाग किया, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव और सांस्कृतिक जागरूकता का माहौल देखने को मिला।
पथ संचलन की शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेज सेलाकुई से हुई, जो निगम रोड, मुख्य बाजार, जमनपुर होते हुए सिडकुल गेट तक पहुंचा। संचलन से पूर्व आयोजित बौद्धिक सत्र में स्वयंसेवकों को “पंच परिवर्तन” के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का संकल्प दिलाया गया।
मुख्य वक्ता सह विभाग प्रचारक सौरभ जी ने हिंदू संस्कृति की वैज्ञानिकता, गौरवशाली इतिहास और भविष्य के संकल्पों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष केवल तिथि परिवर्तन नहीं, बल्कि एक नई चेतना और ऊर्जा का संचार है। विक्रमी संवत की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि इसकी स्थापना सम्राट विक्रमादित्य द्वारा शकों पर विजय के उपलक्ष्य में की गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि एक जनवरी के साथ कोई विशेष ऐतिहासिक या आध्यात्मिक आधार नहीं जुड़ा है, जबकि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भगवान राम के राज्याभिषेक, स्वामी दयानंद सरस्वती और डॉ. हेडगेवार के जन्मदिवस जैसे महत्वपूर्ण प्रसंगों से जुड़ी हुई है।
वक्ता ने संघ की प्रमुख परंपराओं—गुरु दक्षिणा और आद्य सरसंघचालक प्रणाम—का उल्लेख करते हुए इसे स्वयंसेवकों की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। साथ ही सभी स्वयंसेवकों से आह्वान किया गया कि वे अपनी शाखाओं में जाकर डॉ. हेडगेवार के जीवन प्रसंगों पर चर्चा करें।





संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शताब्दी वर्ष के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया और “पंच परिवर्तन” को समाज में वास्तविक बदलाव का माध्यम बताया गया।
इस अवसर पर नगर संघचालक जयदीप बिजल्वाण ने आशीर्वचन दिए। कार्यक्रम में नगर कार्यवाह योगेश सेमवाल, ज्ञान सिंह राणा, प्रकाश भट्ट, संजय कंडारी, संजय सहगल, शिवांश, अभिषेक सैनी, अभिनव, विनय, धर्मेंद्र, जयकृत, पंकज किशोर, गोपाल सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




