✍️ पवन सिंह लिंगवाल, देवप्रयाग।
खबर देवप्रयाग से है जहां पर देवप्रयाग संगम में तीन सीवरेज प्लांट बनाए गए थे, और लगभग 15 साल हो चुके हैं, जो कि नमामि गंगे योजना के तहत बनाए गए थे, एक प्लांट अलकनंदा नदी के समीप पर और दो प्लांट भागीरथी नदी के समीप , तीनों ही प्लांटों से क्षेत्र की जो गंदगी है वह प्लांट से होकर के नदी में छोड़ी जाती है, जानकारी के अनुसार बता दें कि कुछ समय पहले सेंट्रल पॉल्यूशन बोर्ड की तरफ से इसकी सैंपल की भी जांच की गई थी जो कि पूरी तरह से फेल बताई गई है, यह भी बताया गया है कि जब प्लांट ओवरफ्लो हो जाता है तो रात के समय सीधा सीवरेज की गंदगी को नदी में छोड़ा जा रहा है, सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद भट्ट जी के द्वारा इस बारे में बताया गया है, और यह भी कहा गया है कि जगह जगह सीवरेज लीकेज होने के वजह से भी सीधा गंदगी नदी में जा रही है जिसका की कोई भी आज तक समाधान नहीं किया गया है, उनके द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि संगम घाट पर शौचालयों की भी स्थिति बहुत खराब है,
बता दें कि चार धाम यात्रा शुरू होने वाली है और घाटों की अगर ऐसी दुर्दशा रहेगी तो यात्रा पर आने वाली यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है और यात्रियों की क्या प्रतिक्रिया रहेगी वो आप खुद समझ सकते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद भट्ट जी के द्वारा कुछ वीडियो भी इस समस्या से संबंधित जारी की गई है,




