रानी पोखरी : लॉ कॉलेज के लिए आवंटित भूमि को अन्य को दिए जाने के संदर्भ में रेशम फॉर्म (लिस्ट्राबद) रानी पोखरी में धरना प्रदर्शन सातवें दिन भी जारी।
खबर विस्तार से : जानकारी के अनुसार रेशम फॉर्म (लिस्ट्राबाद) रानी पोखरी में वर्ष 2019 को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के कार्यकाल में लॉ कॉलेज के लिए भूमि आवंटित की गई थी जिसका की लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया था, 10 एकड़ में फैला यह क्षेत्र 2 ग्राम सभाओं का है, लगभग 26 करोड़ की लागत से इस विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य होना था। बता दे कि वर्ष 2019 में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जी के द्वारा 73 करोड रुपए की लागत से इस क्षेत्र में योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया था। जिसमें कि लगभग सभी योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है जिसमें मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत निर्मित सड़कों के साथ ही क्षेत्र की विभिन्न आंतरिक वह मुख्य सड़कों का निर्माण शामिल है। पर सवाल यह उठता है कि लॉ कॉलेज के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद भी आखिर क्यों अभी तक लॉ कॉलेज नहीं बनाया गया। क्षेत्र के जन प्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि लॉ कॉलेज खोलने से एक उम्मीद सी जाग रही थी की क्षेत्र के युवाओं को दूर दराज में पढ़ाई करने के लिए नहीं जाना पड़ेगा जब हमारे क्षेत्र के अंदर ही एक लॉ कॉलेज बन जाएगा और इस विश्वविद्यालय के बनने से क्षेत्र के युवाओं को और लोगों को रोजगार के भी सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। पर अब क्षेत्र के लोगों के द्वारा उत्तराखण्ड सरकार पर सीधा-सीधा आरोप लगाया जा रहा है कि जब यह भूमि लॉ कॉलेज के लिए आवंटित की गई थी तो यह किसी अन्य को क्यों दे दी गई। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इसका पूर्ण रूप से विरोध किया है। और कहा गया है कि जल्द ही इस समस्या पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया और लॉ कॉलेज नहीं बनाया गया तो हमें मजबूरी में इस धरना प्रदर्शन को और अधिक उग्र करना पड़ेगा
धरना प्रदर्शन स्थल पर, अरुण शर्मा(गढ़वाल सह संयोजक प्रदेश किसान मोर्चा भाजपा), अनूप चौहान(अध्यक्ष प्रधान संगठन न्याय पंचायत रानी पोखरी), अनिल कुमार(ग्राम प्रधान लिस्ट्रबाद), सुधीर जी (ग्राम प्रधान रानी पोखरी), विक्रम भंडारी(ग्राम प्रधान प्रतिनिधि), संदीप भट्ट (मंडल महामंत्री भाजपा) एवं क्षेत्र के अन्य ग्रामीण और महिलाएं भी उपस्थित रहे।
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पवन सिंह लिंगवाल
रिपोर्टर, रानीपोखरी




