✍️ डाकपत्थर/देहरादून/हरिद्वार उत्तरकाशी टिहरी।
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी सहयोग संघर्ष मोर्चा यमुना घाटी संयोजक गोपाल बिहारी, प्रकाश कुमार, संजय राणा ने बताया कि आज प्रदेश के के सभी सभी बिजली कर्मियों ने कार्य बन्द कर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया।
इसी क्रम में यमुना घाटी के अंतर्गत लखवाड व्यासी परियोजना, इच्छाडी डैम,छिबरो ,खोदरी पावर हाउस, डाकपत्थर मुख्यालय, ढकरानी पावरहाउस, ढालीपुर पावरहाउस, कुल्हाल पावर हाउस आसन बैराज, डाकपत्थर बैराज, जनपदअनुरक्षण शाहिद सभी कार्यालय पर तैनात ऊर्जा कर्मचारीयो के द्वारा कार्य बहिष्कार करते हुए धरना प्रदर्शन एवं गेट मीटिंग की गई। मोर्चा की मीटिंग में स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि संसद के बजट सत्र में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल पारित करने का प्रयास किया गया तो इसकी तीखी प्रतिक्रिया होगी। देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के तत्काल कार्य बन्द कर ‘लाइटनिंग स्ट्राइक’ पर चले जाएंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
यमुना घाटी के समस्त कार्मिक एवं राज्य के अन्य विभिन्न विद्युत संस्थानों में तैनात कार्मिक जिसमें विद्युत उत्पादन पारेषण तथा वितरण भी सम्मिलित है के कार्मिकों के द्वारा यमुना परियोजना की भूमि यूआईडीबी को स्थानांतरित किए जाने की शासन आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग कीगई। अन्यथा की स्थिति में मोर्चा के द्वारा दिए नोटिस के अनुसार हड़ताल प्रारंभ कर दी जाएगी।यह हड़ताल डाकपत्थर भूमि हस्तांतरण, पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने, उत्तर प्रदेश में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त करने, ठेका संविदा तथा आउटसोर्स कर्मचारी को नियमित किए जाने तथा बिजली कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांगों को लेकर की गई है।
मोर्चा पदाधिकारीयो ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में भाग लिया। बिजली कर्मचारियों, इंजीनियरों, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी के कारण यह हड़ताल स्वतंत्र भारत की ऐतिहासिक हड़तालों में शामिल हो गई है।
उन्होंने कहा कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है। प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक, नियमित पदों पर सीधी भर्ती तथा आउटसोर्स कर्मचारियों का नियमितीकरण भी शामिल है।
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने ने चिंता व्यक्त की है कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण (वितरण, उत्पादन एवं टीबीसीबी के माध्यम से ट्रांसमिशन) गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध है। इसलिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है।
आज देहरादून मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर तथा संचालन मोर्चा के संयोजक इंसारूल हक ने किया। आज की सभा में तीनों ऊर्जा निगमो के सैकड़ो कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित हुए । सभा में राहुल चांनना, सौरभपांडे, मुकेश कुमार, प्रदीप प्रकाश शर्मा, सुनील तंवर, राजवीर सिंह, बीरबल सिंह, चित्र सिंह, एचएस रावत, विनोद कवि, गोविंद नौटियाल, निशा रानी ,नीतू रानी, दीपक कुमार, आदि सम्मिलित रहे।
सभा में निजीकरण तथा विद्युत सुधार अधिनियम 2025 वापस लो के नारे लगाए गए। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा डाक पत्थर स्थित यमुना परियोजना की भूमि को व्यावसायिक कार्यों में दिए जाने के शासन आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए। उसके अतिरिक्त मोर्चा के द्वारा दिए गए मांग पत्र की 19 समस्याओं के समाधान पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है अगर शीघ्र अति शीघ्र शासन के द्वारा वार्ता के माध्यम से समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी पूर्ण हड़ताल करने को बाध्य होंगे।
के अतिरिक्त पूरे राज्य के सभी बिजली से जुड़े संस्थानों के सभी जनपदों में बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों ने कार्यालयों से बाहर आकर जोरदार प्रदर्शन किया।
डाकपत्थर में कार्मिकों के द्वारा सैकड़ो की संख्या में प्रदर्शन करते हुए पूरी कॉलोनी में विशाल जुलूस निकाला गया जिसमें निजीकरण वापस लो, यमुना परियोजना भूमि हस्तांतरण शासनादेश निरस्त करो, कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं का समाधान करो आदि के नारे लगाते हुए कर्मचारियों ने सभा का आयोजन भी किया।
आज के कार्यक्रम में डाकपत्थर मुख्यालय पर श्री गोपाल बिहारी अनुज कुमार ,संजय राणा, याकूब अली राजेश तिवारी, संजय सत्संगी प्रेम प्रकाश, पंकज सैनी भानु प्रकाशजोशी, पंकज रावत ,जॉनी गुलेरिया, संतोष मधवाल, सुल्तान सिंह, सोनम मखीजा, रितुपुलकित, विकासपुंडीर, सुभाष सिंह, सतनाम, जगदीश प्रसाद जोशी विवेक कुमार के साथ सैकड़ो कर्मचारी उपस्थितरहे।
ढकरानी मुख्यालय पर बृजमोहन तिवारी, परमेंद्र, कलम सिंह चौहान रामनिवास शहजाद, प्रकाश कुमार खिलेश पांडे, सुशील भंडारी राम सिंह, स्वतंत्र कुमार संजीव आर्य रुपेश कुमार, वीरेंद्र सिंह, इसके अतिरिक्त अन्य परियोजनाओं पर अरुण कुमार भारत भूषण गैरोला राजीव कुमार रमेश जोशी दीपचंद जोशी आदि ने भाग लिया।
डाकपत्थर में आयोजित विशाल रैली में सैकड़ो कर्मचारी एवं व्यापारी दुकानदार एवं ट्रेड यूनियंस के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे आज की रैली में मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष युद्धवीर सिंह तोमर संयोजक इंसारूल हक, पंकज सैनी राकेश शर्मा, विनोद कवि, राजवीर सिंह बीरबल सिंह, एचएस रावत, ने नेतृत्व किया।

