✍️मनमोहन भट्ट,उत्तरकाशी

उत्तरकाशी जनपद में लगातार हो रही भारी बारिश से डुंडा प्रखंड का मैनोल गांव संकट में है। पहाड़ी ढलानों से रिसने वाला पानी अब सीधे लोगों के घरों की दीवारों से होकर भीतर आ रहा है, जिससे कई मकानों के अंदर छोटे-छोटे स्प्रिंग बन गए हैं। मिट्टी और पत्थर से बने मकान लगातार कमजोर पड़ते जा रहे हैं और कभी भी ढहने का खतरा बढ़ गया है।
गांववासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए। उन्होंने मांग की है कि गांव में पक्की नालियां और डायवर्जन चैनल बनाए जाएं, घरों के चारों ओर रिंग नालियां तैयार की जाएं, पहाड़ी ढलानों को बचाने के लिए रिटेनिंग वॉल और स्टेप कटिंग की जाए। साथ ही ग्रामीणों ने वर्षा जल संचयन और वैज्ञानिक अध्ययन के आधार पर दीर्घकालिक योजना बनाने पर ज़ोर दिया जाय ताकि यह समस्या भविष्य में किसी भी बड़े आपदा का रूप न ले सके।
वहीं दूसरी तरफ जिला प्रशासन उत्तरकाशी द्वारा भारी बरसात को देखते हुए तहसील अन्तर्गत आपदा नियंत्रण कक्ष डुंडा का दूरभाष नं – 7895734674 भी लगातार बंद आ रहा है जिससे कि यहां के ग्रामीणों व डुंडा प्रखंड के जनमानस की समस्याएं और भी बढ़ती जा रही है कि आखिर जनता अपनी समस्या कहां दर्ज कराए।




