*एनएसए अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी उत्तराखंड की जन-भावनाओं और स्वाभिमान पर गहरा आघात है: महाराज*
देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि राहुल गांधी की उत्तराखंड के वीर सपूत राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर लगातार अमर्यादित टिप्पणी सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि उत्तराखंड के गौरव और स्वाभिमान पर हमला है।
श्री महाराज ने कहा है कि अजीत डोभाल उत्तराखंड के ऐसे वीर सपूत हैं, जिन्होंने अपनी पूरी जिंदगी देश की सुरक्षा के लिए समर्पित कर दी है। कांग्रेस को यह भली-भांति समझना चाहिए कि उन पर दिया गया अपमानजनक बयान सीधे तौर पर देवभूमि उत्तराखंड की जन-भावनाओं और स्वाभिमान पर गहरा आघात है। उनका कहना है कि अजीत डोभाल की पहचान किसी राजनीतिक पद से नहीं, बल्कि उनकी दशकों लंबी राष्ट्रसेवा से बनी है। देश की सुरक्षा एवं एकता के लिए अपना जीवन खपा देने वाले व्यक्ति पर राहुल गांधी की घटिया टिप्पणी यह सवाल खड़ा करती है कि कांग्रेस की राजनीति में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े लोगों के सम्मान की जगह आखिर कहां है? राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए कि आखिर अजीत डोभाल से इतनी राजनीतिक बेचैनी क्यों है? देश की सुरक्षा व्यवस्था के शीर्ष स्तर पर काम करने वाले व्यक्ति पर सवाल उठाना अलग बात है, लेकिन उनके खिलाफ इस तरह की भाषा इस्तेमाल करना कांग्रेस की गिरती राजनीतिक मर्यादा और संकीर्ण सोच को दर्शाता है।
कैबिनेट मंत्री श्री महाराज ने कहा कि उत्तराखंड की वीरभूमि में जन्मे अजीत डोभाल केवल भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नहीं, बल्कि समूचे पहाड़ के स्वाभिमान और गौरव का प्रतीक हैं। देवभूमि के इस वीर सपूत का संपूर्ण जीवन राष्ट्र रक्षा के लिए समर्पित रहा है, जो हर प्रदेशवासी के लिए प्रेरणादायक है। यही कारण है कि राहुल गांधी द्वारा किया गया अनादर उत्तराखंड की जनता केवल एक राजनीतिक प्रहार मानकर कदापि अनदेखा नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि क्या राहुल गांधी का यह बयान पार्टी का आधिकारिक पक्ष है, इस पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। यदि वे इससे सहमत हैं, तो क्या वे उत्तराखंड के गौरवशाली सपूत के इस अपमान का समर्थन करते हैं, और क्या देश के सुरक्षा तंत्र के दिग्गजों के विरुद्ध इस प्रकार की अभद्र शब्दावली का प्रयोग अब कांग्रेस की स्थायी राजनीतिक संस्कृति बन गया है?
उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के नेताओं की भाषा देश के वीरों को लेकर विवादों में आई है। वर्ष 2017 में कांग्रेस के एक बड़े नेता ने तत्कालीन सेना प्रमुख और उत्तराखंड के वीर सपूत जनरल बिपिन रावत के लिए “सड़क का गुंडा” जैसे शब्द का इस्तेमाल किया था। स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत और अजीत डोभाल दोनों उत्तराखंड की धरती के गौरव हैं। एक ने भारतीय सेना का नेतृत्व किया और दूसरे ने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा में दशकों तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे महान सपूतों में से एक के लिए पूर्व में “सड़क का गुंडा” जैसे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना तथा दूसरे पर राहुल गांधी द्वारा तंज कसना, कांग्रेस की उत्तराखंड विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। पार्टी को चिंतन करना चाहिए कि प्रदेश की जनता इस निरंतर अपमान को किस रूप में स्वीकार करेगी।
*निशीथ सकलानी*
मीडिया सलाहकार, श्री सतपाल महाराज जी, माननीय कैबिनेट मंत्री, उत्तराखंड सरकार।




