पहाड़ की कृषि और गाँव बचाने को 22 सितम्बर को चौबट्टाखाल में निकलेगी “चकबंदी जागर यात्रा”
चौबट्टाखाल (पौड़ी गढ़वाल): “गाँव खुशहाल तो राज्य खुशहाल” के संदेश के साथ पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी लागू करवाने के लिए ‘गरीब क्रांति अभियान, उत्तराखंड’ द्वारा आगामी 22 सितम्बर 2026 को चौबट्टाखाल में एक विशाल “चकबंदी जागर यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है।
अभियान के संयोजक मंडल सदस्य बलबंत गुसाईं ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछले डेढ़ दशक से गरीब क्रांति अभियान पर्वतीय क्षेत्रों में चकबंदी की मांग को लेकर संघर्षरत है। पहाड़ में लगातार बंजर हो रहे खेतों, बढ़ते पलायन और बिखरी हुई जोत की समस्या का स्थायी समाधान केवल चकबंदी ही है।
कार्यक्रम की रूपरेखा:
प्रारंभ: यात्रा प्रातः 10:00 बजे ‘डिग्री कॉलेज मैदान’, चौबट्टाखाल से शुरू होगी।
जनसंवाद: मुख्य बाजार में स्थानीय काश्तकारों, व्यापारियों व आम जनता के साथ चकबंदी के विषयों पर एक सूक्ष्म जनसंवाद आयोजित किया जाएगा।
समापन व ज्ञापन: यात्रा तहसील परिसर पहुँचेगी, जहाँ उप जिलाधिकारी (SDM) चौबट्टाखाल के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तराखंड सरकार को एक ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा।
चकबंदी क्यों आवश्यक है?
आयोजकों के अनुसार, चकबंदी का उद्देश्य सामूहिक खेती नहीं, बल्कि दूर-दूर बिखरे खेतों को एक जगह लाकर कृषि को सुगम बनाना है। इससे पहाड़ की मातृशक्ति (महिलाओं) को दूर-दराज के खेतों तक बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे उनके समय और भारी श्रम की बचत होगी व कार्यभार कम होगा। साथ ही एकमुश्त खेती होने से जंगली जानवरों के आतंक से फसलों की सुरक्षा और बंजर भूमि को आबाद करने में मदद मिलेगी।
गरीब क्रांति अभियान एवं सहयोगी संस्था ‘भलु लगद / फील गुड’ ने क्षेत्र के समस्त जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और काश्तकारों से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस जागर यात्रा को सफल बनाने की अपील की है।
जारीकर्ता:
बलबंत गुसाईं (सदस्य, संयोजक मंडल)
गरीब क्रांति अभियान, उत्तराखंड
📞 संपर्क: 8979364368




