डीएम डॉ. आशीष चौहान ने कसी प्लास्टिक पर नकेल, देहरादून के 100 वार्डों में 50 सेक्टर अफसरों की तैनाती
देहरादून। सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अब देहरादून में कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। हाईकोर्ट और आयुक्त गढ़वाल मंडल के निर्देशों के अनुपालन में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने पूरे जिले में निगरानी और प्रवर्तन का मजबूत तंत्र खड़ा कर दिया है। नगर निगम के सभी 100 वार्डों में 50 सेक्टर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो प्लास्टिक प्रतिबंध और स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत पर नजर रखेंगे।
अभियान के तहत प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल पर कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं, प्लास्टिक का निर्माण करने वाली फैक्ट्रियों और उद्योगों पर भी विशेष निगरानी रखते हुए निरीक्षण और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
फोटो से होगी निगरानी, तीन दिन में रिपोर्ट
प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को जवाबदेह बनाने के लिए सेक्टर अधिकारियों को अपने-अपने आवंटित वार्डों का नियमित भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई की गूगल फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट तीन दिन के भीतर उपलब्ध करानी होगी। स्वच्छता अभियान में भी कूड़ा और गंदगी वाले स्थानों की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरों के साथ रिपोर्ट देनी होगी।
नगर निकायों से लेकर पुलिस तक जिम्मेदारी
अभियान के लिए संयुक्त आयुक्त (विवेचना/प्रवर्तन), राज्य कर, देहरादून को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वह नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत और जिला पंचायत समेत संबंधित निकायों के साथ समन्वय कर प्रतिबंध का अनुपालन सुनिश्चित कराएंगे।
विकासनगर, हरबर्टपुर, डोईवाला, मसूरी और सेलाकुई में संबंधित नगर निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र में नगर आयुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जहां प्लास्टिक प्रतिबंध के साथ विशेष स्वच्छता अभियान भी चलेगा।
पुलिस को भी अभियान से जोड़ा गया है। एसएसपी देहरादून से पुलिस क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को अभियान में प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक सहयोग देने के निर्देश देने को कहा गया है।
गांवों तक पहुंचेगा अभियान
प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों को भी अभियान से बाहर नहीं रखा है। जिला पंचायत राज अधिकारी और अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर प्लास्टिक के खिलाफ जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी अभियान में सहयोग करेंगे।
प्रशासन ने सभी नोडल, सह-नोडल और सेक्टर अधिकारियों को प्रतिदिन जनजागरूकता और व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं। व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
यानी अब सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान में सिर्फ अपील नहीं, बल्कि निगरानी, फोटो आधारित रिपोर्टिंग और कार्रवाई—तीनों को एक साथ जमीन पर उतारने की तैयारी है।

