✍️ सुभाष पिमोली थराली ।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर विकासखंड थराली के सोल घाटी के जनप्रतिनिधियों, पूर्व सैनिकों एवं क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर मांग की है कि थराली-घाट मोटर मार्ग का नाम भारतीय सेना के वीर सैनिक स्वर्गीय नारायण सिंह की अमर स्मृति में ’’शहीद नारायण सिंह मोटर मार्ग’’ रखा जाए।
गोरतलब है कि 7 फरवरी 1968 को भारतीय सेना का एक विमान हिमाचल प्रदेश के रोहतांग-ढाका-लेह क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त होकर लापता हो गया था। इस दुर्घटना में सोल घाटी के ग्राम कोलपूड़ी निवासी वीर सैनिक नारायण सिंह भी लापता हो गए थे। लगभग 56 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद उनका पार्थिव शरीर 3 अक्टूबर 2024 को पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गाँव लाया गया। यह पल पूरे क्षेत्र के लिए अत्यंत भावुक, गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक रहा।
सोल क्षेत्र की 16 ग्राम सभाओं के ग्राम प्रधानों, पूर्व सैनिकों तथा क्षेत्रवासियों का कहना है कि थराली-घाट मोटर मार्ग का नाम शहीद नारायण बिष्ट सिंह के नाम पर रखा जाना उनके सर्वोच्च बलिदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इससे आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और देश सेवा की प्रेरणा मिलेगी तथा उत्तराखण्ड की वीर सैनिक परंपरा को भी उचित सम्मान प्राप्त होगा।
इस संबंध में बहुभाषी लेखक, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी धर्म सिंह फरस्वाण ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर जनभावनाओं का सम्मान करते हुए शीघ्र ही ’’शहीद नारायण सिंह मोटर मार्ग‘‘ नामकरण की आधिकारिक घोषणा करने का अनुरोध किया है।
उन्होंने कहा कि ‘‘जो राष्ट्र अपने वीरों का सम्मान करता है, वही राष्ट्र सदैव गौरव और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ता है। ’’क्षेत्रवासियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि सैनिक पुत्र एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक मांग पर सकारात्मक निर्णय लेकर वीर शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।




