✍️ मनमोहन भट्ट, चिन्यालीसौड़/उत्तरकाशी।
उत्तरकाशी जनपद के दिवारीखोल विजोटी स्थित निर्माणाधीन राजीव गांधी नवोदय विद्यालय एक बार फिर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवादों में आ गया है। करीब 39 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जा रहे इस महत्वाकांक्षी शैक्षणिक संस्थान में पहली ही तेज बारिश के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
23 जुलाई को हुई बारिश के बाद विद्यालय तक हाल ही में बनाई गई संपर्क सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि नई निर्मित रिटेनिंग वॉल (सुरक्षा दीवार) का भी एक हिस्सा टूट गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल तेज हो गए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी विद्यालय निर्माण में कथित अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता को लेकर समाचार प्रकाशित हो चुके हैं। कुछ दिन पूर्व BDH जन मंच के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी को ज्ञापन सौंपकर पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र एवं तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने तथा कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने की मांग की थी।
अब बारिश के बाद सड़क और रिटेनिंग वॉल के क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्रवासियों की आशंकाएं और गहरा गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता का ईमानदारी से पालन किया गया होता, तो पहली ही बारिश में इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र, निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता सामने आता है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।




