✍️ उत्तम सिंह, देहरादून:
उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा शनिवार को प्रातः 11:30 बजे लगातार बढ़ते सूखे नशे के खिलाफ जनजागरूकता अभियान के तहत गांधी पार्क में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान में मातृशक्ति, वरिष्ठजन और युवाशक्ति ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में वरिष्ठ सलाहकार अधिवक्ता पृथ्वी सिंह नेगी, प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी तथा सुलोचना भट्ट ने कहा कि वर्तमान समय में हर गली-कूचे से लेकर शिक्षण संस्थानों और शहरों के आसपास बढ़ते नशे के कारण युवक-युवतियां और परिवार बर्बादी की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज और शासन-प्रशासन को इस समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए सख्त अभियान चलाना होगा, ताकि हमारा प्रदेश “उड़ता पंजाब” जैसी स्थिति का सामना न करे।
सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन मेहन्दीरत्ता, केशव उनियाल तथा प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने कहा कि पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग को मिलकर एक विशेष टास्कफोर्स का गठन करना चाहिए, जो STF और NIA की तर्ज पर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने सुझाव दिया कि गली-कूचों, पुलों और नदियों के किनारों पर लगातार दबिश देकर नशे के नेटवर्क को समाप्त किया जाए तथा शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।
राधा तिवारी, अरुणा थपलियाल और गीता नेगी ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के साथ अधिक समय बिताना चाहिए और पारिवारिक संबंधों को मजबूत रखना चाहिए, ताकि बच्चे गलत संगत में न पड़ें। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को डिस्पेंसरी की संख्या बढ़ाने के बजाय शराब की दुकानों को बढ़ावा देना बंद करना चाहिए और प्रशासन को कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाते हुए कड़े नियम लागू करने चाहिए।
इस जनजागरूकता अभियान में केशव उनियाल, जगमोहन सिंह नेगी, पृथ्वी सिंह नेगी, जगमोहन मेहन्दीरत्ता, राजेन्द्र बहुगुणा, प्रेम सिंह नेगी, प्रदीप डबराल, अनिल ओबराय, युद्धवीर सिंह चौहान, गणेश डंगवाल, ललित जोशी, हरी सिंह, मनोज नौटियाल, हरी सिंह मेहर, प्रदीप कुकरेती, धर्मानंद भट्ट, चन्द्रकिरण राणा, विजय बलूनी, रघुवीर सिंह तोमर, मोहन खत्री, दिनेश बिष्ट, महिमा कुकरेती, लोक बहादुर थापा, सतेन्द्र नौगांई, सुशील चमोली, पींकेश रावत, विवेक बालोदी, नरेन्द्र नौटियाल, विरेन्द्र सिंह रावत, पुष्पलता सिलमाणा, सुलोचना भट्ट, अरुणा थपलियाल, राधा तिवारी, गीता नेगी, साबी नेगी, यशोदा ममगांई, सरोज कण्डवाल, रंजना पडियार, रेवती बिष्ट, मीरा गुसांई, सुमति पडियार, राजेश्वरी रावत व शांति कैन्तुरा सहित अनेक लोग मुख्य रूप से मौजूद रहे।




