✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
उत्तरकाशी जनपद के डुंडा प्रखंड के ग्राम पंचायत बान्दू (लोल्दा) ने एक सख्त और मिसाल पेश करने वाला निर्णय लेते हुए सामाजिक बुराइयों पर सीधा प्रहार किया है। शनिवार को ग्राम प्रधान श्रीमती रुक्मणी देवी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीणों ने साफ शब्दों में ऐलान कर दिया कि अब गांव में किसी भी शादी, चूड़ा कर्म या अन्य समारोह में शराब परोसने की इजाजत नहीं होगी।
बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि “शराब के नाम पर अब कोई समझौता नहीं होगा।” यदि कोई व्यक्ति इस नियम की अवहेलना करता है, तो उस पर सीधे ₹25,000 का भारी जुर्माना ठोका जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि नशे की वजह से सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंच रहा था, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गांव के लोगों ने एक सुर में कहा कि यह सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को नशे से बचाने का संकल्प है। इस फैसले को गांव में सामाजिक सुधार की दिशा में एक निर्णायक और कड़ा कदम माना जा रहा है।
बैठक में कमला राम चमोली, राजाराम, सुंदर लाल, प्रेम सिंह, सूरत राम, बिंदेश्वरी, शिवकुमारी, नीता और जमुना देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने मिलकर इस फैसले को हर हाल में लागू कराने की बात कही।




