✍️ वाचस्पति रयाल, नरेंद्रनगर।
गढ़वाल क्षेत्र के रुद्रप्रयाग में वर्ष 1904 में आयोजित भव्य सरोला ब्राह्मण मिलन समारोह के बाद, यह दूसरा मौका है, जब सरोला ब्राह्मण समाज का इस तरह विशाल मिलन समारोह 121 वर्षों के बाद देहरादून स्थित मिलन वेडिंग पॉइंट में आयोजित किया गया।
बताते चलें कि सरोला ब्राह्मणों को मंदिरों, धार्मिक उत्सवों से लेकर पितृ कार्यों शादी/व्याह,चूड़ा कर्म उत्सवों में शुद्ध भोजन व्यवस्था पकाने,परोसने की यह पौराणिक परंपरा पंवार राजवंश के राजाओं से चली आ रही है, पंवार वंश के राजाओं ने ही उच्च कोटि के इन सरोला जाति के ब्राह्मणों को खानपान भोजन व्यवस्था पकाने/बनाने व परोसने के लिए सरोला रसोइयों के रूप में नियुक्त किया था। 
भले ही स्टैंड अप कैटरिंग के चलते यह पौराणिक शुद्ध व्यवस्था धीरे-धीरे विलुप्त सी होती चली जा रही है, मगर आज भी पहाड़ों में यह पौराणिक परंपरा प्रचलन में है,
इस पौराणिक परंपरा को जारी रखने के मकसद से देहरादून के मिलन वेंडिंग पॉइंट में आयोजित सरोला ब्राह्मण समाज के विशाल सम्मेलन में गढ़वाल क्षेत्र के विभिन्न जनपदों से 400 के लगभग सरोला ब्राह्मणों ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन में 1400 साल पुरानी विरासत को बचाने, परंपराओं को संरक्षित रखने, चुनौतियों से लड़ने के साथ अधिकारों के मुद्दों पर मंथन किया गया और संकल्प लिया गया कि कमजोर पड़ती इस जन्मिक पहचान को बनाए रखने के लिए यह ब्राह्मण समाज प्रयासरत रहेगा, चुनौतियों और कठिनाइयों को दूर करने के लिए आंदोलन भी लड़ना पड़े तो लड़ेंगे
इस मौके पर कानपुर उत्तर प्रदेश के विधायक सुरेंद्र मैठाणी बतौर मुख्य अतिथि, टिहरी के राज परिवार से जुड़े भवानी प्रताप शाह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे।
गढ़वाली सरोला ब्राह्मण संगठन के अध्यक्ष विजय थपलियाल, सचिव सुरेंद्र डिमरी, कोषाध्यक्ष नरेंद्र बिजल्वाण,जगदंबा प्रसाद तथा सत्य प्रसाद खंडूरी के प्रयासों से सरोला ब्राह्मण समाज का भव्य समारोह आयोजित कियागया।




