✍️ मनमोहन भट्ट, उत्तरकाशी।
कृषि विभाग की आत्मा (ATMA) योजना के तहत उत्तरकाशी जनपद के 40 कृषकों का दल तीन दिवसीय जैविक एवं प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण के लिए मंगलवार को देहरादून रवाना हुआ। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने हरी झंडी दिखाकर दल को रवाना किया और किसानों को सफल प्रशिक्षण के लिए शुभकामनाएं दीं।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसान इस प्रशिक्षण के दौरान जैविक एवं प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों, उन्नत कृषि पद्धतियों और व्यावहारिक अनुभवों को सीखकर अपने क्षेत्रों में लागू करें। इससे न केवल कृषि अधिक समृद्ध और आत्मनिर्भर बनेगी, बल्कि अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।
मुख्य कृषि अधिकारी एस.एस. वर्मा ने बताया कि प्राकृतिक खेती ऐसी प्रणाली है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं किया जाता। स्थानीय संसाधनों, जैविक पदार्थों और प्रकृति के संतुलन पर आधारित यह पद्धति पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सुरक्षित एवं स्वास्थ्यवर्धक कृषि को बढ़ावा देती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेंगे, जिससे उनकी आय बढ़ने के साथ-साथ जिले में सतत एवं आत्मनिर्भर कृषि को भी मजबूती मिलेगी।




