कपकोट विधायक निधि में 32 हजार की क्रिकेट किट! ₹8 हजार की किट चार गुना कीमत पर खरीदने का आरोप, बॉबी पंवार ने खोला मोर्चा
208 क्रिकेट किटों की खरीद और वितरण पर उठे सवाल, PMGSY सड़कों में 12 से 15 प्रतिशत कमीशन वसूली का भी आरोप; राज्य स्वराज पार्टी ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
देहरादून। उत्तराखंड में विधायक निधि के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार मामला बागेश्वर जिले की कपकोट विधानसभा से जुड़ा है, जहां भाजपा विधायक सुरेश गड़िया पर क्रिकेट किट खरीद में सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। राज्य स्वराज पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि बाजार में करीब 8 हजार रुपये की मिलने वाली क्रिकेट किट विधायक निधि से 32 हजार रुपये प्रति किट की दर से खरीदी गई।
पार्टी के वरिष्ठ नेता बॉबी पंवार, महानगर अध्यक्ष सुमित अग्रवाल, देवेन्द्र बिष्ट और ललित श्रीवास्तव ने देहरादून स्थित महानगर कार्यालय में प्रेस वार्ता कर इस मामले को उठाया।
₹8 हजार की किट ₹32 हजार में! आखिर किसकी जेब में गया अंतर?
राज्य स्वराज पार्टी के मुताबिक मार्च 2026 में 208 क्रिकेट किटों की खरीद की गई। पार्टी ने इनकी बाजार कीमत लगभग 8,075 रुपये प्रति किट बताते हुए आरोप लगाया कि उत्तराखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन के माध्यम से विधायक निधि से प्रत्येक किट के लिए 32 हजार रुपये का भुगतान किया गया। पार्टी ने इसे सरकारी धन के संभावित दुरुपयोग का गंभीर मामला बताया है।
208 किट खरीदीं, लेकिन गांवों तक पहुंचीं कितनी?
पार्टी ने किटों के वितरण पर भी सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि अब तक महज दर्जनभर गांवों में ही किट वितरित की गई हैं। ऐसे में बाकी किट कहां हैं और उनका वितरण रिकॉर्ड क्या है? पार्टी ने इसका सार्वजनिक हिसाब मांगा है।
चकराता के बाद अब कपकोट पर सवाल, जांच की रफ्तार पर भी निशाना
बॉबी पंवार ने चकराता विधायक निधि प्रकरण का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां मामलों में तेजी नहीं दिखा रहीं। उन्होंने कपकोट मामले की भी निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने की मांग की।
स्टेडियम से सड़क तक कमीशनखोरी के आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपकोट क्षेत्र के खेल स्टेडियम निर्माण में कम लागत वाले कार्यों को करोड़ों रुपये का दिखाकर भुगतान किए जाने और चुनिंदा ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगाए गए। वहीं PMGSY की सड़कों के टेंडर में 12 से 15 प्रतिशत तक कमीशन वसूली के दावे किए गए। पार्टी ने कहा कि इन आरोपों के समर्थन में साक्ष्य जल्द सार्वजनिक किए जाएंगे।
अस्पतालों में डॉक्टर नहीं, स्कूलों में शिक्षक नहीं और गांवों में बार! पार्टी ने कपकोट क्षेत्र की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। नेताओं का दावा है कि अस्पतालों में करीब 70 प्रतिशत डॉक्टरों के पद खाली हैं, कांडा और कपकोट में अल्ट्रासाउंड की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है तथा स्कूलों में मुख्य विषयों के लगभग 90 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसके साथ ही गांवों में नियमों के विपरीत बार संचालित होने का आरोप भी लगाया गया।
पार्टी ने मांग की है कि कपकोट विधायक निधि से हुई खरीद, किटों के वितरण, स्टेडियम निर्माण और सड़क टेंडरों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही चकराता विधायक निधि प्रकरण में भी कार्रवाई तेज की जाए।
पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है—विधायक निधि से खरीदी गई 208 क्रिकेट किटों का पूरा हिसाब सार्वजनिक कब होगा?





