सैकड़ों पूर्व सैनिकों एवं महिलाओं ने भाजपा छोड़कर थामा उत्तराखंड क्रांति दल का दामन
देहरादून /सहसपुर : स्मिथ नगर, 23 अगस्त 2026। पर्वतीय जन कल्याण समिति के प्रांगण, स्मिथ नगर में गौरव सेनानी पूर्व सैनिक एवं अर्धसैनिक संगठन समिति, राघा विहार, मोहनपुर, प्रेमनगर द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, अर्धसैनिक बलों के जवान, महिलाएं एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहसपुर विधानसभा से विधायक पद के प्रबल दावेदार एवं उत्तराखंड क्रांति दल पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ पछवादून के अध्यक्ष पूर्व सैनिक श्री निरंजन सिंह चौहान रहे।
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों पूर्व सैनिकों एवं महिलाओं ने भाजपा छोड़कर उत्तराखंड क्रांति दल की विचारधारा एवं नीतियों में विश्वास व्यक्त करते हुए यूकेडी का दामन थामा। इस दौरान नए सदस्यों का स्वागत करते हुए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया गया।
मुख्य अतिथि श्री निरंजन सिंह चौहान ने कहा कि उत्तराखंड की जनता अब अपने जल, जंगल, जमीन, मूल निवास और स्वाभिमान के मुद्दों को लेकर जागरूक हो रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और मातृशक्ति की बढ़ती भागीदारी उत्तराखंड के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश की सीमाओं की रक्षा में अपना जीवन समर्पित किया है और अब उत्तराखंड के अधिकारों की रक्षा के लिए भी वे अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सभी नए साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि यूकेडी का उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना मात्र नहीं, बल्कि उत्तराखंड के मूल सवालों की मजबूती से पैरवी करना है।
कार्यक्रम में उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय संगठन मंत्री एवं पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ से जुड़े श्री देवेंद्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष श्री केदार सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष श्री यशपाल सिंह नेगी, महिला प्रकोष्ठ पछवादून की अध्यक्ष श्रीमती आशा रावत, संगठन के अध्यक्ष कैप्टन अनिल पैन्यूली, उपाध्यक्ष असिस्टेंट कमांडेंट एस.एस. कंडारी, महासचिव श्री उमेद सिंह रावत, कोषाध्यक्ष श्री उमाकांत जोशी सहित श्री सुरेन्द्र सिंह गुसाईं, श्री राकेश मालसी एवं श्री बलवंत रावत तथा अनेक पूर्व सैनिक, महिलाएं और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने जल, जंगल, जमीन, मूल निवास और उत्तराखंड के स्वाभिमान की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
“पूर्व सैनिक एकता — हमारी शक्ति”
“जल, जंगल, जमीन और मूल निवास — उत्तराखंड का अधिकार”




