✍️ मनमोहन भट्ट,भटवाड़ी/उत्तरकाशी।
भटवाड़ी में वर्षों से विकास की अनदेखी के खिलाफ जनता का गुस्सा अब खुलकर सड़कों पर उतर आया है। विकास संघर्ष समिति के नेतृत्व में क्षेत्र की जनभावनाओं और बुनियादी अधिकारों को लेकर चल रहे आंदोलन ने शनिवार को और जोर पकड़ लिया, जब डुंडा ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार आंदोलन में शामिल होकर सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करने की चेतावनी दी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि आजादी के दशकों बाद भी भटवाड़ी को उसकी जरूरत के अनुरूप शिक्षा, सड़क और प्रशासनिक सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। सरकार के बड़े-बड़े विकास के दावे धरातल पर खोखले साबित हो रहे हैं, जबकि भटवाड़ी आज भी अपनी मूलभूत मांगों के लिए संघर्ष करने को मजबूर है।
जनता ने सरकार के सामने तीन स्पष्ट मांगें रखी हैं—
• भटवाड़ी में तत्काल केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जाए, ताकि क्षेत्र के बच्चों का भविष्य बेहतर बन सके।
• उत्तरकाशी से गंगोत्री तक ऑल वेदर रोड का निर्माण बिना किसी देरी के शुरू किया जाए, जिससे आम जनता, पर्यटकों और आपदा की स्थिति में राहत कार्यों को सुविधा मिल सके।
• विकासखंड और तहसील स्तर के सभी कार्यालय केवल कागजों में नहीं, बल्कि नियमित रूप से भटवाड़ी में संचालित हों तथा अधिकारी मुख्यालय में बैठकर जनता की समस्याओं का समाधान करें।
डुंडा ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक स्वार्थ का नहीं, बल्कि भटवाड़ी के अस्तित्व, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है। यदि सरकार अब भी जनता की आवाज़ को अनसुना करती रही, तो आने वाले समय में यह जनआंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
विकास संघर्ष समिति और क्षेत्रवासियों ने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। भटवाड़ी को उसका हक चाहिए। जनता विकास के नाम पर खोखले वादे नहीं, बल्कि धरातल पर काम देखना चाहती है।
भटवाड़ी की जनता ने एकजुट होकर सरकार को स्पष्ट संदेश दिया है कि जब तक उनकी न्यायोचित मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।




