🔴 ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: पुराने कानून और नए लेबर कोड में क्या है प्रावधान
देशभर के ठेका (Contract) कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी सुरक्षा मौजूद है। यह प्रावधान पहले से लागू श्रम कानूनों में भी है और नए लेबर कोड में भी इसकी भावना को बनाए रखा गया है।
✔ पुराने श्रम कानून में क्या था
Contract Labour (Regulation & Abolition) Act, 1970 के अनुसार:
ठेकेदार कर्मचारियों को वेतन देने के लिए जिम्मेदार होता है
अगर ठेकेदार वेतन नहीं देता
तो Principal Employer (मुख्य नियोक्ता/कंपनी) को वेतन देना होता है
बाद में कंपनी ठेकेदार से पैसा वसूल सकती है
यह नियम पूरे भारत में लागू है और ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
✔ नए लेबर कोड में क्या स्थिति है
सरकार ने 29 श्रम कानूनों को मिलाकर 4 नए लेबर कोड बनाए हैं।
इनमें Occupational Safety, Health & Working Conditions Code (OSH Code), 2020 में ठेका कर्मचारियों से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं।
ठेका कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर
Principal Employer की भूमिका बरकरार
कार्य और सुरक्षा से जुड़े नियम मजबूत
हालांकि, सभी राज्यों में ये कोड अभी पूरी तरह लागू नहीं हुए हैं, इसलिए पुराने कानून भी साथ में लागू माने जाते हैं।
✔ कर्मचारियों के लिए क्या मतलब
वेतन न मिलने पर कर्मचारी असहाय नहीं
कंपनी भी जिम्मेदार बन सकती है
ठेका कर्मचारियों को कानूनी सुरक्षा
वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का अधिकार
✔ निष्कर्ष
पुराने श्रम कानून और नए लेबर कोड — दोनों में यह साफ है कि
ठेका कर्मचारियों के अधिकार सुरक्षित रखने के लिए कंपनी (Principal Employer) की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण बनी रहती है।
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📎 स्रोत
भारतीय श्रम कानून / लेबर कोड अपडेट
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ठेका कर्मचारियों को बड़ी राहत
वेतन न मिलने पर कंपनी भी जिम्मेदार
⚠️ डिस्क्लेमर (Safe & Legal)
यह जानकारी सामान्य श्रम कानूनों और उपलब्ध मीडिया/कानूनी स्रोतों के आधार पर साझा की गई है।
ठेका कर्मचारियों से संबंधित नियम Contract Labour Act, 1970 तथा नए लेबर कोड के प्रावधानों पर आधारित हैं।
वास्तविक लागू नियम राज्य, अधिसूचना और केस की परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकते हैं।
किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले संबंधित आधिकारिक अधिसूचना या विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित रहेगा।




