✍️ उत्तम सिंह,सेलाकुई।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में रविवार को सेलाकुई नगर में सामाजिक सद्भाव बैठक का भव्य आयोजन किया गया। बैठक में सर्व समाज के विभिन्न वर्गों, जातियों एवं पंथों के प्रमुख लोगों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर समाज में भाईचारा और आपसी सहयोग का संदेश दिया।
बैठक लेने आए नीरज ने अपने संबोधन में कहा कि सामाजिक सद्भाव बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज में विभिन्न जातियों, धर्मों और संप्रदायों के बीच एकता, भाईचारा और समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी शक्ति है और इस विविधता में सद्भाव बनाए रखना देश की अखंडता और विकास के लिए आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की बैठकें आपसी संवाद के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव और मतभेदों को समाप्त करने तथा समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रही हैं। साथ ही भारतीय संस्कृति में निहित सामाजिक समरसता और सद्भावना के मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में यह भी कहा गया कि सामाजिक समरसता को राजनीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित का केंद्र बनाना चाहिए। इस तरह के आयोजन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देश के विभिन्न प्रांतों में लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे समाज में पारंपरिक भाईचारे और एकता की भावना को और मजबूत किया जा सके।
इस अवसर पर जयदीप , योगेश , संजय, प्रकाश , ज्ञान सिंह , विनय , धर्मेंद्र , वंश , शूरवीर , हरीश सहित सर्व समाज के विभिन्न जाति एवं पंथ के प्रमुख लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने समाज में आपसी सद्भाव, शांति और भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।




