✍️ मनमोहन भट्ट, देहरादून।
उत्तराखण्ड क्रांति दल (UKD) ने राज्य में संचालित ऑनलाइन बाइक टैक्सी प्लेटफॉर्म Rapido की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए महिलाओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। इस संबंध में दल के प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को ज्ञापन सौंपकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
दल की केंद्रीय महामंत्री मीनाक्षी घिल्डियाल ने कहा कि वर्तमान समय में बड़ी संख्या में महिलाएं एवं आमजन Rapido जैसी सेवाओं का उपयोग कर रहे हैं, लेकिन चालकों के पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया अत्यंत कमजोर प्रतीत होती है। इससे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के प्लेटफॉर्म से जुड़ने की आशंका बढ़ जाती है, जो सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
UKD ने आरोप लगाया कि पूर्व में Rapido चालकों से जुड़े छेड़छाड़, दुर्व्यवहार, चोरी तथा अन्य आपराधिक घटनाओं के मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामलों में यह भी पाया गया कि बुकिंग के दौरान प्रदर्शित वाहन एवं चालक की जानकारी वास्तविकता से मेल नहीं खाती, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं।
इसके अतिरिक्त दल ने पार्सल डिलीवरी सेवाओं के दुरुपयोग की आशंका जताते हुए कहा कि इनके माध्यम से अवैध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है, जो कानून-व्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
UKD ने मांग की है कि Rapido से जुड़े सभी चालकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा बिना सत्यापन किसी भी चालक को संचालन की अनुमति न दी जाए। साथ ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए SOS, लाइव ट्रैकिंग और हेल्पलाइन जैसी सुविधाओं को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए और राज्य स्तर पर सख्त दिशा-निर्देश बनाए जाएं।
इस दौरान संगठन महामंत्री नैना लखेरा, महिला अध्यक्ष मेजर संतोष भंडारी सहित उत्तरापंत बहुगुणा, रविंद्र ममगईं, कल्पना बिजलवान, सुनील मंडोलिया और गिरीश कोठारी आदि उपस्थित रहे।
वहीं SSP ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया, लेकिन अब देखना यह होगा कि यह भरोसा हकीकत में कब बदलता है—या फिर महिलाओं की सुरक्षा यूं ही कागजों में सिमटी रह जाएगी।




