सिमली बेस अस्पताल की मांग को लेकर दून में धरना, सीएम आवास कूच के दौरान पुलिस ने रोका
चमोली से 10 दिन पैदल चलकर देहरादून पहुंचे आंदोलनकारी, वार्ता बेनतीजा;
अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने की मांग तेज
देहरादून।
चमोली जिले के सिमली स्थित महिला बेस अस्पताल को पूर्ण सुविधाओं के साथ संचालित करने की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने देहरादून में प्रदर्शन किया। सिमली से करीब 10 दिन की पदयात्रा कर देहरादून पहुंचे आंदोलनकारियों ने गांधी पार्क में धरना देने के बाद मुख्यमंत्री आवास कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हाथीबड़कला में रोक दिया।
इसके बाद आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अधिकारियों से वार्ता की। हालांकि, वार्ता में कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
50 से अधिक गांवों के लोगों को परेशानी
आंदोलनकारियों के अनुसार, सिमली बेस अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने से क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे मशीनों के संचालन के लिए ऑपरेटरों की कमी है। वहीं, एक्स-रे फिल्म उपलब्ध नहीं होने के कारण जांच व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। खून की जांच के नमूने गोपेश्वर भेजने पड़ते हैं, जिससे रिपोर्ट मिलने में कई दिन लग जाते हैं।
आंदोलनकारियों ने अस्पताल में 100 बेड की सुविधा विकसित करने, पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती करने तथा विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ की कमी दूर करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि अस्पताल में चार डॉक्टर पहुंच चुके हैं, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों और अन्य जरूरी सुविधाओं का अभाव अब भी बना हुआ है।
2012 में हुई थी अस्पताल की घोषणा
सिमली में बेस अस्पताल बनाने की घोषणा वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा के कार्यकाल में हुई थी। वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के समय इसके लिए 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। जुलाई 2021 में अस्पताल के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके बाद भी अस्पताल में अपेक्षित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी और वरिष्ठ पदाधिकारी संदीप भंडारी ने कहा कि अस्पताल को लेकर पहले भी कई बार घोषणाएं की गईं, लेकिन धरातल पर अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आगामी विधानसभा सत्र के दौरान गैरसैंण में भी प्रदर्शन किया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने कहा कि सिमली बेस अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना क्षेत्र की बड़ी जरूरत है। जब तक अस्पताल को आवश्यक संसाधनों, चिकित्सकों और जांच सुविधाओं से सुसज्जित नहीं किया जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।




